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कई दिनों से बेकार बैठे मजदूरों का फूटा गुस्सा, आखिर क्यूं पढि़ए पूरा समाचार

- बजरी खनन पर रोक का मामला

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दिहाड़ी मजदूर प्रतिदिन घर से काम की तलाश में बालोतरा आ रहे हैं, लेकिन यहां काम नहीं मिल रहा। उससे वे चिंतित हैं।

दिहाड़ी मजदूर प्रतिदिन घर से काम की तलाश में बालोतरा आ रहे हैं, लेकिन यहां काम नहीं मिल रहा। उससे वे चिंतित हैं।


बाड़मेर
कभी इनके पास इतना काम होता था कि लोग इंतजार करते रहते और ये एक-दो कह कर उन्हें रवाना करते। अब वक्त एेसा बदला की सुबह से शाम सड़कों पर ठाले खड़े रहते हैं, लेकिन काम नहीं मिल रहा। पिछले कई दिनों यह स्थिति होने से उनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट पैदा हो गया। अब तक तो वे सब्र रख कर बैठे थे, लेकिन मंगलवार को उनका गुस्सा एेसा फूटा की बालोतरा शहर की सड़कों पर उतर गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ न केवल नारेबाजी वरन इस बात को लेकर भी नाराजगी जताई कि सरकार उनकी पैरवी नहीं कर रही। इसके चलते बजरी खनन पर लगी रोक नहीं हट पा रही।

नगर में मंगलवार को बजरी खनन पर रोक हटाने की मांग को लेकर निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों ने उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उपखंड अधिकारी भागीरथराम चौधरी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
नगर के डाक बंगले पर मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में कमठा मजदूर एकत्रित हुए। इनको ठेकेदार भंवरलाल भाटी ने संबोधित करते हुए कहा कि मजदूर अपने हक की लड़ाई के लिए संगठित रहें। बजरी खनन पर रोक लगने से निर्माण कार्य से जुड़े हजारों श्रमिक बेराजगार हो गए हैं। श्रमिकों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। सरकार न्यायालय में पैरवी करें। थार कमठा मजदूर यूनियन जिलाध्यक्ष करनाराम मांजू ने श्रमिकों की समस्याओं को रखा। यहां से श्रमिक जुलूस के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे। उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सांैपा। इसमें श्रमिकों की समस्याओं से अवगत करवाते हुए बजरी खनन के लिए न्यायालय में पैरवी कर राहत दिलाने की मांग की। इस अवसर पर मांगीलाल बोस, प्लास्टर ठेकेदार पुरखाराम सारण, जोगाराम, मांगीलाल बोस, केहराराम प्रजापत, सालूराम गोदारा, अमराराम राठौड, डालूराम मौजूद थे।

सैकड़ों जने प्रतिदिन आ रहे बालोतरा- दिहाड़ी मजदूर प्रतिदिन घर से काम की तलाश में बालोतरा आ रहे हैं, लेकिन यहां काम नहीं मिल रहा। उससे वे चिंतित हैं।

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