बाड़मेर

पशुचिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का आलम,पशुपालक परेशान

- हीरा की ढाणी में पशुचिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का आलम, पशुपालक परेशान
2 min read
May 29, 2018
veterinary hospital at heera ki dhani
Perturbations in In veterinary hospital at heera ki dhani

बाड़मेर. हीरा की ढाणी के राजकीय पशुचिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का आलम है। भवन है, लेकिन जर्जर स्थिति में। पेयजल, बिजली सुविधाओं का टोटा है तो चिकित्सक भी नहीं है। पशु बाहुल्य क्षेत्र में पशुपालकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा दिलवाने के लिए राज्य सरकार ने चिकित्सालय बनाया तो लगा कि सरकारी योजनाओं का फायदा मिलेगा, लेकिन यह उम्मीद वक्त के साथ धुमिल हो चुकी है। क्योंकि यहां चिकित्सा सुविधा का अभाव है। पशुचिकित्साल में पिछले चार साल से स्थायी चिकित्सक नहीं होने से प्रतिनियुक्ति के भरोसे चल रहा है। यहां अतिरिक्त चार्ज के तहत सवाऊ पदमसिंह का चिकित्सलय लगा हुआ है। चिकित्सक नहीं होने से अधिकांश पशुपालक यहां आते ही नहीं, जिसके चलते उनको सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिल रहा।
छत से टपकता पानी, टांके में नहीं- यहां के भवन में जहां बरसात में छत से पानी टपकता रहता है तो दूसरी ओर टांके में पानी की आपूर्ति नहीं होने से कार्यरत स्टाफ और आने वाले पशुपालकों को पेयजल किल्लत सहनी पड़ रही है। बिजली फिटिंग टूटी हुई है। भवन जर्जर होने से हर वक्त अनहोनी का अंदेशा रहता है।

मवेशियों में बीमारियां बढ़ी, इलाज नहीं- क्षेत्र में इन दिनों ऊंटों में चर्म रोग फैला हुआ है। वहीं, गर्मी के चलते अन्य मवेशियों में बीमारियां फैल रही है। एेसे में पशु चिकित्सक स्थानीय चिकित्सालय आते हैं, लेकिन यहां इलाज नहीं मिलने पर उन्हें अन्य जगह जाना पड़ता है।

पशुचिकित्सालय में पिछले चार साल से स्थायी चिकित्सक नहीं होने से प्रतिनियुक्ति के भरोसे चल रहा है। यहां अतिरिक्त चार्ज के तहत सवाऊ पदमसिंह का चिकित्सल लगा हुआ है। चिकित्सक नहीं होने से अधिकांश पशुपालक यहां आते ही नहीं, जिसके चलते उनको सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिल रहा। पशु बाहुल्य क्षेत्र में पशुपालकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा दिलवाने के लिए राज्य सरकार ने चिकित्सालय बनाया तो लगा कि सरकारी योजनाओं का फायदा मिलेगा, लेकिन यह उम्मीद वक्त के साथ धुमिल हो चुकी है।

Published on:
29 May 2018 09:40 am