बाड़मेर

ढाई साल से जबावदेही समिति का नहीं गठन, अब कहां सुनाएं पुलिस की पीड़ा?

- सरकार बदलने के साज्ञि ही समिति भी हो गई थी खत्म

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May 30, 2021
Barmer police news

बाड़मेर. पूववर्ती सरकार बदलने के साथ ही जिला पुलिस जबावदेही समिति का कार्यकाल स्वत: खत्म हो गया और नई समिति का गठन ढाई साल बीतने के बावजूद नहीं हुआ है। ऐसे में अब पुलिस से पीडि़त परिवादी अपनी पीड़ा कहां सुनाएं? इसको लेकर जिला प्रशासन व सरकार बेफिक्र है। जबकि पुलिस के खिलाफ लगातार शिकायतें आती रहती है। उल्लेखनीय है कि एक माह पूर्व तस्कर कमलेश प्रजापत एनकाउंटर में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। हालांकि उस प्रकरण की जांच तो सीआईडी-सीबी कर रही है। जबकि इस तरह के मामलों की जांच पुलिस जबावदेही समिति भी कर सकती है। उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती सरकार के समय गठित जबावदेही समिति ने 8 बैठकों का आयोजन कर पुलिस के खिलाफ दर्ज होने वाली शिकायतों पर जांच कर सरकार को अनुशंसा भेजी थी।


क्या है जबावदेही समिति
राजस्थान पुलिस अधिनियम 2007 के तहत समिति का कार्यकाल दो साल होता है। प्रावधानों के तहत समिति में एक अध्यक्ष व तीन सदस्य होते है। समिति में एएसपी सदस्य के साथ सचिव भी होता है। समिति पुलिस निरीक्षक स्तर तक व पुलिस कर्मचारियों के विरूद्ध गंभीर शिकायत मिलने पर जांच करवा सकती है। इसके बाद अधिकारियों की टिप्पणी के साथ जांच करवाने व कार्रवाई के लिए सरकार को अनुशंसा भेजने का प्रावधान है। किसी अन्य मामले में विभागीय जांच में मॉनिटरिंग करने का अधिकार भी समिति के पास होता है।


इस तरह की होती है शिकायत
समिति के पास कई तरह की शिकायतें पुलिस से पीडि़त दर्ज करवा सकते है। जिसमें पुलिसकर्मियों की ओर से मारपीट, झूठा मुकदमा, रिश्वत मांगना, महिला अत्याचार, मामले में जांच सही नहीं करना सहित कई तरह की पुलिस से जुड़ी कोई भी शिकायत परिवादी दर्ज करवा सकता है।
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- गठन नहीं हुआ है,
सरकार बदलने के बाद राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में पुलिस की जबावदेही समिति का गठन नहीं हुआ है। पूववर्ती सरकार के समय गठन थी, उसके बाद समिति का गठन कहीं नहीं हुआ है। - आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक, बाड़मेर

Published on:
30 May 2021 08:01 pm
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