बाड़मेर

पुलिस-पब्लिक संवाद : प्रबुद्धजन बोले- आमजन पुलिस से डरता है, पुलिस व्यवहार सुधारें

- कोतवाली थाने में पुलिस पब्लिक संवाद, पुलिस को लेकर खुलकर सामने आई समस्याएं

4 min read
Mar 27, 2021
Police-public conversation

बाड़मेर.
राजस्थान पत्रिका की ओर से शुक्रवार को पुलिस-पब्लिक के बीच संवाद बढ़ाने के लिए संवाद अभियान के तहत बैठक का आयोजन शुक्रवार को कोतवाली थाना में किया। संवाद चर्चा में शहर के प्रबुद्धजनों ने पुलिस से जुड़ी समस्याओं व आमजन में पुलिस के डर पर खुलकर बात की। यहां कोतवाल प्रेमप्रकाश ने प्रबुद्धजनों के सवालों पर सहज तरीके से न केवल जबाव दिए, बल्कि समस्याओं के समाधान करवाने की बात कहीं।
---
- आमजन में पुलिस के प्रति हमेशा डर रहता है, लेकिन यह डर अपराधियों में होना चाहिए। इस तरह के संवाद कार्यक्रम आमजनता के साथ होने चाहिए। सड़क हादसों के मामलों में घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए आमजन हमेशा डर महसूस करता है। भूमाफिया हावी हो रहा है। मनोहर बंसल,
- आमजन व पुलिस के बीच हमेशा दूरियां रहती है। अपराधियों में भय नहीं है। ब्लैकमेल के मामले बढ़ गए है, ऐसी स्थिति में पुलिस डर रही है। पुलिस व आमजन के बीच मधुर संवाद होना चाहिए। - सुरतानसिंह, उप सभापति
- पत्रिका की यह सकारात्मक पहल है। वर्तमान समय में आमजन में भय है और अपराधियों में विश्वास नजर आ रहा है। थानों में स्वागत कक्ष स्थापित करें। आमजन के लिए थाने में दूसरे विभागों की तरह व्यवहार होना चाहिए। - दिलीप माली, सभापति, नगर परिषद
- पुलिस की ठोस योजना होनी चाहिए। यहां मंदिर, स्कूल व कॉलेज के साथ आवारागर्दी बढ़ गई है। महिलाओं व छात्राओं पर छिछोरे लोग फब्तियां कसते है। मनचलें तेजगति से वाहन दौड़ा रहे है। ऐसे प्रमुख स्थानों पर पुलिस की गश्त हो तो आमजन में विश्वास बढ़ेगा। - सुरेश मोदी, वरिष्ठ अधिवक्ता
- हर किसी के साथ इंसाफ होना चाहिए। वर्तमान में पुलिस खुद अब डर रही है। आमजनता में जागरूकता जरुरी है। पुलिस की नफरी बढऩी चाहिए। साथ ही आमजन को पहले खुद में सुधार लाना होगा। कोई भी गलत आदमी का साथ नहीं दें। - तेजदान देथा
- पुलिस के प्रति आमजन में भय है। सभी मोहल्ले में सीएलजी सदस्यों का परिचय होना चाहिए। सीसीटीवी कैमरों की सख्ती से निगरानी हो। साथ ही मोहल्लों में आमजन की ओर से लगाए कैमरों को पुलिस रिकॉर्ड लेना चाहिए। पुलिस छवि में सुधार लाएं। - इन्द्रप्रकाश पुरोहित
- जनता में पुलिस के प्रति भय का माहौल रहता है। पुलिस थानों में पहुंचने वाले परिवादी के साथ ठीक से व्यवहार नहीं करती है। सीएलजी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू की जाए। - उमराव
- पुलिस थानों व गश्त के दौरान सिपाही आमजन के साथ बर्ताव अच्छा नहीं रखते है। सबके साथ सम्मान व्यवहार रखे। शहर की रॉय कॉलोनी की व्यवस्तम रोड़ पर मनचलें बढ़ रहे है। - विक्रमसिंह तारातरा,
े- आम आदमी पुलिस से डरता है, कई बार तो ऐसा होता है कि लोग थानों के नजदीक तक नहीं जाते है। साथ ही पुलिस सिविल मामलों भी दखल करती है। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। - संजय सोनी, अधिवक्ता
- कुछ पुलिस कार्मिकों के गलत व्यवहार के कारण पुलिस से जनता का विश्वास उठा रहा है। जनता का विश्वास जीतने के लिए पुलिस विभाग को भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी। - प्रवीण सेठिया
- पुलिस कर्मियों को अपने क्रोध पर नियंत्रण करके जनता के साथ नम्रतापूर्ण व्यवहार करना चाहिए, ताकि जनता उनको दोस्त या साथी माने। पुलिस जनता के बीच भेदभाव न करें। - हितेश गोयल, अधिवक्ता
- पुलिस को न्याय पालिका की तरह स्वतंत्र कर देना चाहिए। सरकार के बंधन में नहीं रहनी चाहिए। संवाद सीएलजी के सदस्यों के माध्यम से बढ़ाया जाए। हालांकि पुलिस 24 घण्टें आमजन के लिए तत्पर रहती है। - कैलाश कोटडिय़ा
- वर्तमान समय में अपराध बढ़ रहा है। यहां आम आदमी अपने बचाव के लिए गुहार करें तो किसी किससे करे, क्योंकि पुलिस पर भरोसा नहीं रहा। इसलिए पुलिस का अपनी छवि में सुधार करना होगा। - दलपतसिंह, अधिवक्ता
- जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। इस विश्वास को बनाए रखने के लिए ईमानदारी के साथ पुलिस ड्यूटी करें। आम जनता के साथ सतत संवाद तथा समन्वय स्थापित कर विभाग की छवि सकारात्मक बनाई जा सकती है। - छगन माली, पार्षद
---
यह आए सुझाव
- पुलिस थानों में स्वागत कक्ष बनाएं जाए
- पुलिस की बीट प्रणाली को मजबूत किया जाएं
- पुलिस हर वार्ड स्तर पर संवाद चर्चा करें
- व्यस्तम इलाकों में गश्त प्रभावी हो
---
सामने आई मुख्य समस्याएं
- भूमाफियाओं से आमजन परेशान
- थानों में परिवादी के साथ नहीं होता अच्छा बर्ताव
- सिविल मामलों में पुलिस का दखल
- स्कूल, कॉलेज, मंदिर के पास तेजगति से चलते है वाहन
- सिपाही आमजन को बेवजह परेशान करते है
-
---
कोतवाली थानाप्रभारी प्रेमप्रकाश ने यों दिए जबाव
- आज के समय में जनता जागरूक हो गई है। त्वरित कार्यवाही आमजनता चाहती है, मीडिया का युग है। पुलिस के पास हमेशा दो पक्ष आते है, एक पक्ष चाहता है, हमारा यह काम हो और दूसरा पक्ष चाहता मेरा यह काम हो। पुलिस दोनों पक्षों को कभी संतोष नहीं कर पाएगी। हमेशा एक पक्ष तो विपरित रहेगा। पुलिस कितना भी विश्वास बनाए, लेकिन आधी जनता को अविश्वास करेगी। छवि सुधार के प्रयास जारी है। उच्च स्तर पर बर्खास्त की कार्यवाही हो रही है। पुलिस की कभी मंशा नहीं रहती है कि अपराधी को छोड़े। हर अधिकारी अपने विवेक से सोचता है। अपराधियों के साथ अगर सांठ-गाठ है तो यह गलत है। हम पुलिस के लोग भी समाज से निकले है, हम भी चाहते है, बाहर जाएं और घुमें। लेकिन हमें डर लगता है। इसलिए हम जाते भी नहीं है।
- पुलिस थाने में स्वागत कक्ष को लेकर पुलिस डीजीपी के निर्देश है। पुलिस व्यवहार के सुधार प्रयास करती है, लेकिन सुधार नहीं हुआ है। अब पुलिस को व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा, अन्यथा अब जनता खुद ला लेगी। लोग सुनवाई का मौका देने से पहले फोन लगाकर सिफारिश करवाते है। पुलिस ने नवाचार करते हुए सांयकालीन के समय हथियारबंद गश्त शुरू की गई है। भूमाफियाओं पर पुलिस सख्ती से कार्यवाही करेगी।

Published on:
27 Mar 2021 09:17 pm
Also Read
View All