
— जिले के दूसरे बड़े औद्योगिक शहर में योजना क्रियान्वित बेहद जरूरी
बालोतरा. प्रदेश में अवांछनीय गतिविधियों पर रोक लगाने व अपराधियों की धरपकड़ के लिए सूचना प्रौद्योगिक संचार विभाग की अभय कमाण्ड योजना शुरू की गई। इसके तहत सीसीटीवी कैमरे लगा पूरे शहर पर पुलिस की निगरानी रखी जानी है।
योजना के तहत बालोतरा में सर्वे किया और रिपोर्ट बनाई जो स्वीकृति के अभाव में फाइलों में ही कैद है। इस पर शहर में घटित घटनाओंं का पर्दाफाश करने व अपराधियों की धरपकड़ करने में पुलिस को परेशानी हो रही है।
राजधानी जयपुर व प्रदेश के शहरों, कस्बों में अपराध की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने व वारदात को अंजाम देकर भाग छूटने वाले अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभय कमाण्ड योजना प्रारंभ की गई थी।
इसमें प्रमुख शहरों, कस्बों के मुख्य मार्गों, बाजारों, मोहल्लों में सीसीटीवी कैमरे व एक कमाण्ड सेंटर बनाना प्रस्तावित है। इससे की शहर, कस्बे में लगे कैमरों में कैद होने वाली गतिविधि का जुड़ाव इस सेंटर से हो।
इससे शहर में हर होने वाली घटना पर नजर रखी जा सके, वहीं वारदात को अंजाम देकर भागने वाले अपराधियों की पहचान कर उन्हें शीघ्र पकड़ा जा सके।
बाड़मेर में कार्य शुरू, लेकिन अधूरा
अभय कमाण्ड योजना में जिला मुख्यालय पर करीब 4 -5 माह पूर्व कार्य प्रारंभ किया गया था। इसमें अब तक कमाण्ड सेंटर बनकर तैयार हुआ है। 153 प्रस्तावित पोलों में से 124 लगाए गए हैं। इनमें 50 पोल का विद्युत कनेक्शन कर दिया गया। शेष के लिए डिस्कॉम में आवेदन किया गया है। बाड़मेर के 114 स्थानों पर 377 सीसी टीवी कैमरे लगाए जाने प्रस्तावित है। जिला प्रशासन व अन्य विभागों की ओर से अभी तक ऑप्टीकल फायबर लाइन बिछाने की स्वीकृति नहीं दी गई है। एेसे में कार्य अधूरा है।
आठ माह से स्वीकृति का इंतजार
योजना के तहत सात-आठ माह पूर्व प्रशासन, नगर परिषद व पुलिस ने बालोतरा में सर्वे किया था। इसमें टीम ने 168 स्थान चिह्नित किए, जहां 218 पोल खड़े कर इन पर 491 कैमरे लगाए जाने प्रस्तावित किए, लेकिन सर्वे रिपोर्ट फाइलों में ही कैद है।
बालोतरा में अब तक नहीं स्वीकृति
''योजना के तहत बालोतरा में सर्वे किया था, लेकिन अभी तक यह स्वीकृत नहीं की गई है। जिला मुख्यालय बाड़मेर में योजना कार्य प्रारंभ है।
मोहन चौधरी, एसीपी, डीओआईटी