48.1 डिग्री तापमान, 6 साल बाद मई में भीषणतम गर्मी-दिन में तेज लू और धूप ने झुलसाया-कूलर और एसी हो गए पस्त, छत की टंकियों का पानी उबला
बाड़मेर. बाड़मेर के लिए मौसम विभाग ने गुरुवार व शुक्रवार को रेड अलर्ट जारी किया है। पहले दिन का असर तो नजर आ गया और सीजन का सबसे गर्म दिन बाड़मेर में रेकार्ड हुआ और तापमान 48.1 डिग्री पर पहुंच गया। दिन में तेज धूप बाहर निकले लोगों को झुलसा रही थी। पूरे प्रदेश में सबसे गर्म बाड़मेर जिला रहा।
मौसम के मिजाज पिछले दिनों से बिगड़ते ही जा रहे हैं, गर्मी सितमगर बन चुकी है। सुबह सात बजे से ही गर्मी का असर शुरू हो गया और 9 बजे तक तो लू चल गई। दोपहर में सिर पर सूरज आने के बाद तो घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। शहर की सड़कें विरान हो गई।
उबल गया टंकियों का पानी
घरों की छतों पर दोपहर में पानी उबल गया। कई घरों में छतों पर रखी टंकियों के पिघलने की स्थिति हो गई। प्लास्टिक के पाइप गर्मी के चलते पिचक गए। टंकियों का पानी इतना अधिक उबल गया कि हाथ धोना भी मुश्किल हो गया। वहीं कूलर और एसी भी गर्मी के आगे गुरुवार को पस्त नजर आए। कूलर के पानी का टैंक गर्मी के चलते जल्दी-जल्दी खाली हो रहा था।
आज भी गर्मी का रेड अलर्ट
पश्चिमी राजस्थान के 6 जिले भीषण गर्मी की चपेट में है। बाड़मेर सहित जोधपुर, जालोर, जैसलमेर, बीकानेर व श्रीगंगानगर में शुक्रवार को भी रेड अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में भीषण लू चलने का अलर्ट है।
इमरजेंसी में व्यवस्थाएं कर रखी है
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए व्यवस्थाएं की गई है। यहां पर बर्फ आदि की व्यवस्था है, जिससे मरीज के आने पर उसका टैम्परेचर नार्मल लेवल पर लाया जाता है। वैसे इस सीजन में अभी तक हीट स्ट्रोक का कोई मरीज नहीं आया है। अस्पताल स्तर पर उपचार की सभी व्यवस्थाएं है।
डॉ. बीएल मंसूरिया, पीएमओ व अधीक्षक राजकीय अस्पताल बाड़मेर