
बाड़मेर. मुख्यमंत्री की राजस्थान गौरव यात्रा के ठीक पहले शिव विधायक मानवेन्द्रसिंह की ओर से स्वाभिमान रैली का एेलान होते ही बाड़मेर में राजनीतिक हलचल चरम पर आ गई है। अब यहां राजपूत मंत्रियों के दौरे प्रारंभ होने के साथ ही विधायकों को भी कमान दे दी है। गौरव यात्रा में व्यवधान की फिक्र भी बढ़ गई है।
पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़, ऊर्जा राज्यमंत्री पुष्पपेन्द्रसिंह, राव राजेन्द्रसिंह, राजपालसिंह शेखावत, शेरगढ़ विधायक बाबूसिंह राठौड़, जोधपुर नगर निगम के महापौर महेन्द्रसिंह, बाड़मेर से विधायक हमीरसिंह, जैसलमेर के विधायक छोटूसिंह, पोकरण विधायक शैतानसिंह सहित बड़ी संख्या में राजपूत नेताओं के संपर्क लगातार बाड़मेर-जैसलमेर में होने लगे है। राजेन्द्र राठौड़ ने राजपूत समाज की बैठकें आयोजित की है। इसके अलावा पचास से अधिक प्रदेश स्तरीय नेता विभिन्न लोगों व संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क करते हुए राजस्थान गौरव यात्रा को सफल बनाने और स्वाभिमान रैली से पडऩे वाले फर्क को लेकर तैयारियों में जुट गए है।
संगठन चप्पे-चप्पे पर
प्रदेश भाजपा संगठन के लिए यह सबसे बड़ी परीक्षा हो गई है। यहां पहले 1 व 2 सितंबर को मुख्यमंत्री की सभाओं में भीड़ जुटाने का जिम्मा दिया गया है तो दूसरी ओर स्वाभिमान रैली की रिपोर्ट भी संगठन को करनी है। संभाग स्तरीय माने जाने वाली इस रैली की संख्या जसवंत समर्थकों का भविष्य तय करेगी।
कांग्रेस की भी तैयारियां
जहां एक ओर मुख्यमंत्री की यात्रा को लेकर तमाम सरकारी लवाजमा और भाजपा संगठन जुटा है वहीं 5 सितंबर को होने वाली कांग्रेस की संकल्प यात्रा को लेकर तैयारियां चल रही है। कांग्रेस संगठन के सारे लोग इसको अहम मान रहे है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट पहुंचेंगे।
स्वाभिमान रैली तो होगी
जसवंत समर्थकों ने कहा कि 22 सितंबर को स्वाभिमान रैली तो होगी। सरकार अब जागी है तो पहले कहां गई थी? इस रैलली में कुछ भी निर्णय हो सकता है। यहां मंत्री ने कहा कि गौरव यात्रा बाड़मेर में आएगी, राजपूत संस्कृति व सभ्यता से काम करें। कोई व्यवधान नहीं हों।