बाड़मेर

रोड से मिलेगी राहत, बार-बार टूटने की चिंता से आहत, जानिए पूरी खबर

- 1.80 करोड़ से बन रहा क्षत्रियों का मोर्चा-तीसरी फाटक बायपास, नीचे पेयजल लाइनें, लीकेज पर तोडऩी पड़ेगी सड़क, आमजन जता रहा चिंता  
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Jun 01, 2018
Barmer news
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बालोतरा. शहर में क्षत्रियों का मोर्चा से रेलवे तीसरी फाटक तक बायपास बनने से जहां सालों की समस्या का समाधान हो रहा है तो लोगों को इस बात की चिंता भी है कि समय रहते इसके नीचे बिछी पेयजल लाइनों को नहीं हटाया तो बार-बार सड़क को तोडऩा पड़ेगा। गौरतलब है कि बायपास रोड के नीचे पेयजल लाइनें हैं, जिन्हें अन्यत्र स्थानांतरित किए बिना ही निर्माण कार्य हो रहा है। एेसे में क्षतिग्रस्त पाइप लाइन दुरुस्त करते वक्त रोड को तोडऩा होगा।

शहर के यातायात दबाब को कम करने को लेकर करीब एक दशक पूर्व क्षत्रियों का मोर्चा से रेलवे तीसरी फाटक तक बायपास का निर्माण करवाया था। शहर में यातायात दबाव कम होने पर रहवासियों व वाहन चालकों को अच्छी सुविधा मिली, लेकिन तीन वर्ष में ही बायपास क्षतिग्रस्त हो गया। यह स्थिति लम्बे समय तक रही, जिसके बाद दो करोड़ लागत से इसका पुन: निर्माण करवाया। पुनर्निर्माण के बाद सीवरेज कार्य को लेकर खुदाई व दुबारा मरम्मत नहीं करने पर पिछले तीन वर्ष से मार्ग बदहाल है। इस पर आवागमन को लेकर हर दिन हजारों जनों को परेशानी उठानी पड़ रही है।


करोड़ों खर्च पर दुबारा फिरेगा पानी-

प्रदेश सरकार के स्वीकृत राशि पर नगर परिषद की ओर रेलवे तीसरी फाटक से क्षत्रियों का मोर्चा तक सीसी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। 1 करोड़ 80 लाख रुपए राशि से सड़क बनाई जाएगी। सड़क के नीचे जलदाय विभाग, रीको ने पेयजल लाइनें बिछा रखी है। यह बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही हैं, जिससे कई बार बायपास को पूर्व में तोड़ा गया है। ऐसे में अब भी पेयजल लाइनों को बगैर स्थानांतरित किए निर्माण कार्य किया गया तो बायपास को बार-बार तोडऩा पड़ सकता है।

पेयजल लाइनों का बायपास से हटाएं- बायपास शहर का महत्वपूर्ण मार्ग है। सीवरेज कार्य को लेकर खुदाई करने पर दुबारा मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन अब इसे क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए निर्माण से पूर्व पेयजल लाइनों को हटाएं। - राजेन्द्र तातेड़
मेहनत पर फिर सकता है पानी- बायपास के नीचें वैध व अवैध पेयजल लाइनें हैं। लीकेज होने पर करोड़ों के खर्च पर पानी फिरेगा। इस पर परिषद कार्य शुरू करवाने से पूर्व लाइनें यहां से हटाएं। - राजेन्द्र आजाद

फिर होगा नुकसान- बासपास निर्माण व रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। दो बार इस मार्ग को पूर्व तोड़ दिया गया है। पेयजल लाइनें नहीं हटाने पर अब तीसरी बार मार्ग फिर क्षतिग्रस्त होगा। ऐसे में पेयजल लाइन अन्यत्र स्थानांतरित करें। - बाबूगिरी

Published on:
01 Jun 2018 11:56 am