ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में सौंपा ज्ञापन
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बालोतरा.
अखिल भारतीय दवा विक्रेता संघ व राजस्थान केमिस्ट एसोसिएशन के देश व्यापी आह्वान पर शहर व क्षेत्र के दवा विक्रेताओं ने शुक्रवार को दुकानें बंद रखी। बालोतरा थानाधिकारी भंवरलाल सिरवी को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सांैप मांगें पूरी करने की मांग की। दुकानों के बंद होने पर दवाइयों की खरीद को लेेकर मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
हड़ताल को लेकर केमिस्ट एसोसियशन की बैठक हुई। अध्यक्ष कांतिलाल मेहता ने कहा कि सरकार दवाइयों की ऑनलाइन खरीद को मंजूरी दे रही है। इस पर ऑनलाइन कंपनियां उपभोक्ता को अधिक से अधिक डिस्काउंट देने का प्रचार-प्रसार करेंगी। इससे छोटे कारोबारी अधिक प्रभावित होंगे। सरकारी नीति से दवा व्यवसाय पूर्ण रूप से चौपट होगा। सस्ती दवाइयां बेचने के चक्कर में लोगों के स्वास्थय पर अनुचित प्रभाव पड़ेगा। दवा कारोबारी महावीर जैन सराय में एकत्रित होकर जुलूस के रूप में उपखण्ड कार्यालय पैदल पहुंचे। प्रधानमंत्री के नाम थानाधिकारी भंवरलाल सीरवी को सौंपा। एसोसिएशन सचिव हनुमानसिंह राजपुरोहित ने बताया कि इस अवसर पर रवि जैन, गौतम गहलोत, राजू चौधरी, गिरधारी लाल, योगेंद्र, रमेश, जमाल , अनिल कुमार, भरत, राजेश विश्नोई मौजूद थे।
गडरारोड . कस्बे के सभी मेडिकल स्टोर शुक्रवार को पूरे दिन बंद रहे। इससे मरीजों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ी। केमिस्ट प्रकाश भूतड़ा ने बताया कि सभी केमिस्ट ने अपने मेडिकल बंद रख तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उतमचंद भूतड़ा, दलपतसिंह कोटड़ीया, जसवंतसिंह, मनू लोढ़ा सहित कई केमिस्ट उपस्थित रहे।
शिव . कस्बे सहित आस-पास के गांव में स्थित दवाइयों की दुकानें शुक्रवार को बंद रही। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दवा विक्रेता दिलीपसिंह ने बताया कि दवा दुकानों के लिए सरकार की ओर से बार-बार पेचिदे नियम जारी किए जा रहे हैं। जिससे एसोसिएन में रोष है।
धोरीमन्ना . उपखंड मुख्यालय स्थित मेडिकल एसोसिएशन ने दुकाने बन्द रख आनलाइन दवा बिक्री का विरोध किया। धोरीमन्ना ब्लॉक अध्यक्ष भजनलाल तेतरवाल केमिस्ट ऐसोसिएशन के नेतृतव में उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
चौहटन . उपखंड मुख्यालय पर समूचा दवा कारोबार बंद रहा। दवा विक्रेताओं ने उपखंड कार्यालय परिसर के आगे नारेबाजी कर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा। एसोशिएशन के अध्यक्ष प्रकाश सेठिया के नेतृत्व में उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री से आमदवा विक्रेता के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा।