- अवैध बजरी के मामले में अब तक वसूला 4 करोड़ 40 लाख का जुर्माना, खातेदारी लीज में भी लगाया जुर्माना, रास्तों पर खोदी खाई
बाड़मेर.
लूणी नदी में अवैध बजरी खनन की रोकथाम को लेकर खनिज विभाग सख्त नजर आ रहा है। यहां विभाग ने लूणी नदी से जुड़े अवैध रास्तों को बंद करने के लिए खाई खोद दी है। साथ ही मुख्य स्थानों पर आरएसी के जवान तैनात कर दिए गए है। बजरी की रोकथाम की सख्ती को देखते हुए बजरी माफिया में हड़कंप मचा हुआ है। साथ ही विभाग ने खातेदारी भूमि में जारी किए गए बजरी खनन के लीज धारकों पर भी करोड़ो रुपए का जुर्माना लगाया है।
दरअसल, बाड़मेर जिले में खनिज विभाग की ओर से अब तक अवैध बजरी खनन, परिवहन को लेकर 1 हजार 129 प्रकरण दर्ज किए है। प्रकरणों के बाद 8 करोड़ 40 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया है। साथ ही पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (एनजीटी) में कुल 21 लाख रुपए की वसूली की गई है। खजिन विभाग के साथ ही जिला प्रशासन व पुलिस भी सख्त है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने लगातार समाचार प्रकाशित कर अवैध खनन को लेकर बजरी माफिया का खेल उजागर किया था।
लीजधारकों पर लगाया 4 करोड़ का जुर्माना
विभाग की ओर से स्वीकृत खनिज बरजी के खनन पट्टों के निरीक्षण/भौतिक सत्यापन के लिए तकनीकी दल गठित किया गया। सत्यापन के दौरान सिणधरी व पचपदरा क्षेत्र में 13 खनन पट्टों में अवैध खनन पाया गया। इस पर विभाग ने लीज धारकों के नाम नोटिस जारी कर 3 करोड़ 88 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही उक्त पट्टों के ई-रवन्ना डी-एक्टिवेट के लिए विभाग को लिखा गया है।
रास्तों पर खोदी खाई, जवान तैनात
विभाग ने लूणी नदी के संभावित क्षेत्र सड़ा, भाटाला, पायला-कला, सांकरणा, बिठूजा समेत कई चिह्ति बजरी माफिया के मार्गो पर जेसीबी से रास्तों पर खाई खोदी गई है। इसके अलावा आरएसी बटालियन की एक प्लाटून को लूणी नदी क्षेत्र में तैनात किया गया है।
- अवैध बजरी खनन पर सख्त
अवैध बजरी खनन को लेकर विभाग सख्त है। लूणी नदी क्षेत्र के कई मार्गो को जेसीबी से कटवाकर खाई बनाई गई है। आरएसी की एक प्लाटून तैनात की गई है। लीजधारकों के खिलाफ अवैध खनन करने पर जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा विभाग की अलग-अलग टीम विशेष निगरानी रख रही है। - भगवानसिंह भाटी, खनि अभियंता, खजिन विभाग, बाड़मेर