
बाड़मेर. कोरोन की चिंता के बीच थारनगरी अब खुशियों के दीप जलाने की तैयारी में जुटी हुई है। एक तरफ जहां शहर की सडक़ों की हालात सुधर रही है तो दूसरी और बिजली, सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। इधर, खरीफ फसलों की बाजार में आवक होने से व्यापारी वर्ग भी खुश है तो दीपावली पर कमाई की आस में बाजार भी गुलजार हो रहे हैं। हालांकि कोरोना के चलते भीड़भाड़ कम होने की उम्मीद है लेकिन दीपों के त्योहार पर खुशियों के दीप जलने की आस जरूर है।
बाड़मेर शहर में पिछले सात-आठ माह से विरानी सी छाई हुई है। पहले कोरोना लॉकडाउन के चलते बाजार बंद रहे तो अनलॉकडाउन में भी बाजार में रौनक नहीं आई। एेसे में लम्बे समय से व्यापारी दीपावली का इंतजार कर रहे हैं। दिवाली पर उनकों अच्छी कमाई की उम्मीद है। क्योंकि इस बार खरीफ की बम्पर फसल पैदा हुई है जो धीरे-धीरे बाजार में आने लगी है। इसके चलते अनाज व्यापारी सहित किराणा, कपड़ा, ज्वैलर्स आदि को भी उम्मीद है कि लम्बे समय से चल रही मंदी का दौर खत्म होगा।
गौरतलब है कि जिले में करीब आठ अरब रुपए की खरीफ फसलें तैयार हुई है जिसमें बाजरा, मूंग, मोठ, तिल व ग्वार प्रमुख है। दिवाली के आसपास इन फसलों की थोक में ब्रिकी शुरू होगी जिसके बाद बाजार में रुपए की आवक बढऩे की संभावना है।
बाजार में दिखने लगी भीड़- नवरात्र शुरू होने के साथ ही बाजार में भीड़ नजर आने लगी है। पिछले चार-पांच दिन से लोग आने शुरू हुए हैं। रंग-रोगन का दौर चल रहा है। वहीं, नवरात्र के बाद बीस दिन तक दिवाली की खरीदारी शुरू होगी। दीपोत्सव के उत्साह में थार के बाजार गुलजार होने की आस तब बढ़ेगी।
शहर में होने लगे विकास कार्य- कोरोना के चलते शहर के विकास कार्य भी बंद थे जो अब रफ्तार पकडऩे लगे हैं। पिछले दो-तीन दिन से सडक़ों का पेचवर्क चल रहा है, जिससे इनकी सूरत सुधर रही है। वहीं, डिस्कॉम भी बिजली तंत्र दुरुस्त करने में जुट गया है। सफाई व्यवस्था को लेकर भी कार्य चल रहा है।