बाड़मेर

प्रयाप्त बजट के अभाव में अटके सड़कों की मरम्मत के प्रस्ताव ,आखिर कैसे सुधरेगी सड़कें?

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में नहीं मिला पर्याप्त बजट, प्रस्तावित सड़कों की मरम्मत अटकी भेजे कई प्रस्ताव, एक-एक सड़क निर्माण की मिली स्वीकृति

2 min read
Dec 05, 2017
The amount will not be available then how will the roads improve?

बालोतरा. सालों पहले बनी प्रधानमंत्री सड़कों की मरम्मत का काम अब पर्याप्त बजट के चक्कर में अटक सकता है। क्योंकि योजना के द्वितीय चरण में ब्लॉक की सभी सड़कों की मरम्मत की स्वीकृति जो नहीं मिली है, इसके पीछे कारण पर्याप्त बजट आवंटन नहीं होना है। एेसे में बालोतरा व सिवाना ब्लॉक में एक-एक सड़क का ही कायाकल्प होगा।

केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना द्वितीय में आबादी व सुविधाओं के मानक निर्धारित कर सार्वजनिक निर्माण विभाग से खस्ताहाल प्रमुख सड़कों के प्रस्ताव मांगे, इस पर कई सड़कों के प्रस्ताव भिजवाए गए, लेकिन सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक में एक एक ही सड़क स्वीकृत की। इस पर शेष सड़कों से जुड़े गांवों को वहीं जर्जर सड़कों के चलते परेशान होना पड़ेगा। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी ने 2000 में पूरे देश में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना शुरू की थी। इसके बाद कई सड़कें बनी, लेकिन निर्माण के बाद केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार के इसकी सुध नहीं लेने पर ये क्षतिग्रस्त हो गई। इसकी मरम्मत की मांग ग्रामीण लम्बे समय से कर रहे थे, जिस पर सरकार ने प्रस्ताव मंगवाए, लेकिन अब एक-एक सड़क मरम्मत की स्वीकृति दी है।

ये भी पढ़ें

पौने पांच करोड़ में पैंतीस हजार की आबादी की वर्षों पुरानी यह मांग होगी पूरी, जानिए पूरी खबर..

दो सड़कों की ही होगी मरम्मत -

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना प्रथम की सफल क्रियान्विति पर केन्द्र सरकार ने द्वितीय चरण की योजना शुरू की। इसमें पूर्व के वर्षों में बनी उन खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत की जानी प्रस्तावित है, जिनकी दूरी पांच किलोमीटर से अधिक, आबादी धनत्व ज्यादा तथा इनसे विद्यालय, चिकित्सालय, बैंक आदि सुविधाएं जुड़ी हुई हैं। सरकार ने अंक निर्धारित कर सार्वजनिक निर्माण विभाग से प्रस्ताव मंगवाए। राज्य की तकनीकी एजेंसी ने प्रस्तावित किया, लेकिन धन अभाव को लेकर सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक ही सड़क स्वीकृत की। ब्लॉक पचपदरा में रामसीन मूंगड़ा-कांकराला-उमरलाई 15 किमी के लिए 4 करोड़ 45 लाख व ब्लॉक सिवाना में मूठली-इन्द्राणा-सिणेर दूरी 11 किमी को लेकर 2 करोड़ 99 लाख 33 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं।

अटके प्रस्ताव, करना पड़ेगा लंबा इंतजार-

ब्लॉक पचपदरा में कुड़ी- मूंगड़ा-ढंढ 12 किमी, टापरा-पादरू 8 , भाडख़ा-कानोड़-पाटोदी 13 , जसोल-तिलवाड़ा 12 , पचपदरा-बागुण्डी 14 , ब्लॉक सिवाना में कांखी-परिहारों की ढाणी 8.80 किमी, बालोतरा-किटनोद-मेली 7 , कुण्डल-बेरानाड़ी 6.5 , मजल-ढीढस- समुजा 14.40 , सिवाना-पीपलून- हल्देश्वर महादेव 8.10, भलरों का बाड़ा- होतरड़ा 6.20 किमी के सड़क सुदृढ़ीकरण व नवीनीकरण के प्रस्ताव प्रस्तावित किए थे। ये प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हुए हैं।

ग्रामीण उठा रहे परेशानी- प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में पूर्व के वर्षों में बनी सड़कों की स्थिति बदतर है। हर दिन ग्रामीण परेशानी उठाते हैं। सरकार प्राथमिकता से इनकी मरम्मत करवाएं। - कीर्ति श्रीमाली

ये भी पढ़ें

बाहरवीं से आगे नहीं पढ़ पा रही है बालिकाएं, बीच में पढ़ाई छोड़ने को मजबूर, आखिर क्यों ?
Published on:
05 Dec 2017 01:38 pm
Also Read
View All
मदर्स डे स्पेशल: अनपढ़ होकर भी हरकू देवी ने समझा शिक्षा का महत्व, स्कूल के लिए दान की जमीन

मदर्स डे सक्सेस स्टोरी: मां की रिकॉर्डिंग सुनकर मोहित ने क्रैक की RAS परीक्षा, संघर्ष और समर्पण की अद्भुत मिसाल

Rajasthan: राजस्थान में कुदरत का अनोखा ‘चमत्कार’, भीषण गर्मी में भी 72 घंटों से नहीं पिघले ओले, ग्रामीण हुए हैरान

Ravindra Singh Bhati: श्रमिकों की बहाली की मांग को लेकर विधायक रविंद्र सिंह भाटी का आंदोलन तेज, बोले: स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिला तो आंदोलन होगा बड़ा

बदलता राजस्थान : विकास की दौड़ में सबसे आगे निकला पश्चिमी राजस्थान का ये जिला, रिकॉर्ड दिनों में हासिल की बड़ी उपलब्धि