बाड़मेर

पेड़ तले पढ़ रहा देश का भविष्य, पानी ना बैठने की ठोर

- रामावि सुवाड़ा में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
2 min read
• •
Updated: 28 Sep 2021, 8:34 PM IST
पेड़ तले पढ़ रहा देश का भविष्य, पानी ना बैठने की ठोर
पेड़ तले पढ़ रहा देश का भविष्य, पानी ना बैठने की ठोर


रामसर. बाड़मेर जिले के रामसर क्षेत्र के राजकीय माध्यमिक विद्यालय सुवाड़ा में मूलभूत सुविधाओं की दरकार है। यहां मात्र 4 कक्षाकक्ष विद्यार्थियों को अध्ययन करवाने के लिए उपलब्ध है। वे भी पुराने समय में बने होने के कारण छोटे हैं।
कक्षा 6 से 7 वीं में 40 विद्यार्थी है लेकिन उनके बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने से समस्याएं हो रही हैं। विद्यालय प्रशासन को प्रथम से लेकर पांचवीं तक की कक्षाओं को पेड़ों के नीचे बैठने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यहां के पेड़ों के नीचे बैठने से अध्यापकों को अध्यापन कार्य करवाने में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।

प्रधानाचार्य की ओर से कई बार सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कक्षाकक्ष बढ़ाने एवं चारदीवारी का निर्माण करवाने के लिए अवगत करवाया गया था लेकिन अभी तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है।

यहां करीब 485 का नामांकन होने के बावजूद भी पेयजल जैसी सुविधाओं की भी दरकार है। पिछले कोरोनाकाल में अध्यापकों ने स्वयं की जेब से कुछ धनराशि इक_ा कर विद्यार्थियों के लिए एक टांके का निर्माण करवाया है ।उसमें जनसहयोग से पानी डलवाया जा रहा है।

यहां चारदीवारी के अभाव में गांव के मवेशी रात्रि में आकर बैठ जाते हैं। ऐसे में विद्यालय परिसर में साफ सफाई नहीं रह पाती है। यहां चारदीवारी बनाने के लिए पत्थर तो डाले गए हैं लेकिन वर्षों से इस विद्यालय की चारदीवारी का निर्माण अधर झूल में लटका है।

अधिकारी उवाच- प्रधानाचार्य से प्रस्ताव मंगवा कर उच्चाधिकारियों को प्रेषित करवाया जाएगा और यहां कक्षों की आवश्यकता ,पानी की व्यवस्था एवं चारदीवारी निर्माण को लेकर जिला स्तर के अधिकारियों को भी पत्र लिखकर अवगत करवाएंगे ताकि भविष्य में बालकों के लिए समस्या न हो। सरपंच को भी चार दीवारी निर्माण के लिए प्रस्ताव भिजवाएंगे।
- बनवारी लाल, सीबीओ ,खंड रामसर

Updated on:
28 Sep 2021, 8:34 PM IST
Published on: