बाड़मेर

नहरी पानी के पास होकर भी नहीं बुझ रही प्यास

-पानी तो पहुंचा लेकिन जीएलआर नहीं बना, कैसे रखे स्टॉक

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नहरी पानी के पास होकर भी नहीं बुझ रही प्यास
नहरी पानी के पास होकर भी नहीं बुझ रही प्यास

बाड़मेर.सरणू पनजी गांव के बाशिंदे नहरी पानी के पास तो है, लेकिन प्यास बुझ नहीं रही। क्योंकि यहां पानी की आपूर्ति तो हो रही है, लेकिन जीएलआर का निर्माण अधूरा होने से स्टॉक नहीं। एेसे में पानी आने के बाद भी लोगों को नसीब नहीं हो रहा। सरणू पनजी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर नहरी पानी की आपूर्ति के लिए चार साल पहले जीएलआर स्वीकृत हुआ था, लेकिन अभी तक अधूरा ही है। दूसरी ओर पुराना जीएलआर क्षतिग्रस्त हो गया है। हालांकि नहरी पानी की आपूर्ति इस जर्जर जीएलआर में हो रही है, जिससे पानी का रिसाव हो जाता है। एेसे में पानी दो-चार घंटे में ही खत्म हो जाता है और जीएलआर सूखा हो जाता है। यह जीएलआर छोटा और खंडहर होने से हजारों लीटर पानी हर दिन व्यर्थ बहता रहता है। इसके चलते ग्राम पंचायत मुख्यालय के अलावा राजस्व गांव रामनगर ,आकल, सरणू भीमजी,सरणू तेलिया का वास आदि क्षेत्रों में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। करीब 1200 ढाणियां में 5000 लोग रह रहे हैं जो नहरी पानी गांव में पहुंचने के बाद भी 500 -600 रुपए देकर पानी का टैंकर मंगवा प्यास बुझा रहे हैं। पेयजल लाइन भी जमीदोज- पुराने जीएलआर से जलापूर्ति राजस्व गांवों में दोपाइप लाइन के मार्फत होती थी, जो जमीदोज हो गई या फिर क्षतिग्रस्त है। एेसे में गांवों तक पानी नहीं पहुंच रहा। पिछले दो साल यह स्थित है, लेकिन 2 वर्ष बीत जाने ध्यान नहीं दिया जा रहा। नए जीएलआर का निर्माण चार साल पहले शुरू हुआ। छह माह कार्य चला और फिर बंद हो गया जब से जीएलआर अधूरा ही है। बोले लोग- इस क्षेत्र में नहरी पानी पहुंचे करीब 2 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन जीएलआर नहीं बन रहा। इस पर अभी भी ग्रामीण मजबूरन महंगे दामों में टैंकर डलवा प्यास बुझा रहे हैं।- पाबूराम पोटलियागांव में पानी तो लंबे इंतजार के बाद पहुंच गया,लेकिन जीएलआर के अधूरे निर्माण की वजह से पीने को नसीब नहीं हो रहा। जनप्रतिनिधि व प्रशासन इस ओर ध्यान दे तो ही समस्या का हल होगा।- पुखराज सोनीतुरंत ही कार्य होगा शुरू- सरणू पनजी के आकल क्षेत्र में निर्माणाधीन जीएलआर के घटिया निर्माण कार्य के चलते पहले काम कर रही कंपनी को हटाया तथा पुन: नई कंपनी को कार्य सौंपा है। अब तुरंत ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - दीपाराम मेघवाल, अधिशासी अभियंता परियोजना जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग बाड़मेर

Updated on:
17 Jun 2020 08:58 pm
Published on:
18 Jun 2020 03:32 am