बाड़मेर

ये सर्दी, आवासीय प्रशिक्षण और बढ़ गई दूरी

- शिक्षण प्रशिक्षण शिविर में बदली पंचायत समितियां, अध्यापक परेशान - विशेषयोग्यजन और शिक्षिकाओं को आ रही सर्वाधित दिक्कत - हजारों शिक्षक सात दिन तक सीखेंगे नवाचार
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ये सर्दी, आवासीय प्रशिक्षण और बढ़ गई दूरी
ये सर्दी, आवासीय प्रशिक्षण और बढ़ गई दूरी

बाड़मेर. थार में इन दिनों सर्दी परवान पर है। न्यूनतम तापमान सात-आठ डिग्री के आसपास है। सुबह की धुंध के बीच लोगों की आवाजाही कम हो गई, इसी के बीच नवनियुक्ति शिक्षकों को सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में भाग लेना है। अपनी पंचायत समिति से इतर जगह प्रशिक्षण के चलते विशेषयोग्यजन और शिक्षिकाओं को दिक्कत हो रही है। वहीं, शिक्षक संघ भी आवासीय प्रशिक्षण शिविर की जगह गैर आवासीय प्रशिक्षण शिविर की मांग कर रहे हैं।

शिक्षा में होने वाले नवाचारों को शिक्षण में लागू करने को लेकर सरकार नव नियुक्ति शिक्षकों को 25 दिसम्बर से 31 जनवरी तक सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण दे रही है। इसमें हर नवनियुक्त शिक्षक को भाग लेना जरूरी है। वर्तमान मौसम को देखते हुए शिक्षक सात दिन तक उनको जहां रुकना है, वहां सर्दी से बचाव की व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं। प्रशिक्षण शिविर के लिए पंचायत समिति भी बदल दी गई है। बाड़मेर पंचायत समिति के शिक्षक रामसर व शिव के शिक्षक गडरारोड के हरसाणी में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। चौहटन के शिक्षकों को अन्यत्र जाना होगा। कमोबेश यह स्थिति जिले की सभी 17 पंचायत समितियों में शिक्षकों को झेलनी पड़ रही है। इसके चलते विशेषयोग्यजन शिक्षक और शिक्षिकाओं की चिंता बढ़ी हुई है। उनको सात दिन तक दूसरे स्थान पर रहने में पेरशानी होने का डर है। वहीं, विभिन्न शिक्षक संगठन भी लम्बे समय से आवासीय प्रशिक्षण शिविरों की जगह गैर आवासीय प्रशिक्षण शिविर की मांग कर रहे हैं।
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गैर आवासीय शिविर होने चाहिए

हमारा संगठन लम्बे समय से गैर आवासीय प्रशिक्षण शिविर की मांग कर रहा है। वहीं, पंचायत समिति परिवर्तित कर प्रशिक्षण देने का औचित्य भी समझ में नहीं आ रहा। हमारी मांग है कि प्रशिक्षण शिविर संबंधित पंचायत समिति पर ही हों।- नूतनपुरी गोस्वामी, जिलाध्यक्ष, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
आदेश के अनुरूप प्रशिक्षण

प्रशिक्षण शिविर सरकार के आदेशानुसार लगाए जा रहे हैं। आदेश की पालना सुनिश्ििचत की जा रही है। पंचायत समिति बदलने का निर्णय भी सरकार का ही है।- लक्ष्मणकुमार मालावत, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, प्राथमिक शिक्षा, बाड़मेर

Published on:
25 Dec 2018 05:00 am