बाड़मेर

आनंदकुमार के 18 और शिवलालसिंह के दो बार के 9 लाख जमा नहीं हुए

- हेलमेट, सीट बैल्ट व एमवी एक्ट के तहत वसूला जुर्माना- यातायात चौकी में 39 लाख गबन का मामला- ईपीएस लगाएं-  
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May 22, 2019
Traffic police case
Traffic police case

बाड़मेर. यातायात पुलिस थाने के 39 लाख 35 हजार के बहुचर्चित गबन के मामले में तीन साल तक आरोपी शहर के विभिन्न चौराहों पर आमजन को नियम-कायदों का पाठ पढ़ा चालान के नाम पर वसूली कर खुद की जेब गर्म करते रहे। लेकिन यह खेल उजागर होने के बाद भी मामला एफआइआर और जांच में उलझ गया है। अभी तक किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है और ज्यादातर पुलिस थानों में जमे हैं। उन्हें लाइन हाजिर ही नहीं किया गया है।


शहर के विभिन्न चौराहों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ एमवी एक्ट, शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस एक्ट, तीन सवारी, नो-एंट्री, बिना वर्दी व्यावसायिक वाहन चलाने वालों, बगैर हेलमेट, सीट बेल्ट नहीं पहनने वालों के खिलाफ चालान बनाकर एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी तीन साल तक खुद की जेब गर्म करते रहे। जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बनकर अनभिज्ञ रहे।

इन प्रभारियों के कार्यकाल में जमा नहीं हुई राशि
आनंदकुमार - 18 लाख 3 हजार 715 रुपए
गजेसिंह - 1 लाख 87 हजार
शिवलालसिंह - 3 लाख 53 हजार 355
इन्द्रचंद मीणा - 9 लाख 44 हजार 700
शिवलालसिंह - 6 लाख 6 हजार 50
लीलसिंह - 40 हजार 100
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लेखा शाखा की चुप्पी पर सवाल
जानकारी में सामने आया है कि जिला लेखा शाखा में जमा होने वाले प्रशमन राशि की सूचना वृत्ताधिकारी को देनी चाहिए ताकि मासिक प्रतिवेदन में अंकित राशि व लेखा शाखा में जमा राशि का मिलान कर संबंधित थानाधिकारी/प्रभारी यातायात को निर्देश देकर जमा करवाई जा सके। लेकिन यहां सब घालमेल में चुप रहे।

Published on:
22 May 2019 12:01 pm