बाड़मेर

दो तोला सोना, दस तोला चांदी, ना प्री-वेडिंग, ना डीजे… गरीब – मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत देने के लिए इस समाज ने की बड़ी पहल

Jangid Samaj Wedding Reforms: पदाधिकारियों ने बताया कि यह सारी व्यवस्था गरीब और मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई है। उन्होंने कहा कि समाज की परंपरा और संस्कृति के अनुरूप सादगी अपनाना ही समय की मांग है
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Nov 21, 2025
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Dungarpur News: सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बाड़मेर जिले के जांगिड़ समाज ने बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सभी सामाजिक आयोजनों में सादगी अपनाने का निर्णय लिया है। यह फैसला बाड़मेर के जांगिड़ पंचायत भवन में आयोजित महापंचायत में सर्वसम्मति से लिया गया। समाज के सभी वर्गों ने इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू करने की शपथ भी ली।

बढ़ती फिजूलखर्च के चलते उठाया कदम

महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे जांगिड़ पंचायत बाड़मेर के अध्यक्ष प्रभुदयाल धीर ने कहा कि बढ़ती फिजूलखर्ची, दिखावे की परंपरा और सामाजिक प्रतिस्पर्धा से आम परिवार आर्थिक दबाव में आ गया है। शादी और अन्य आयोजनों पर होने वाला अनावश्यक खर्च कई बार परिवारों को कर्ज और तनाव की स्थिति में ले जाता है। ऐसे में समाज को अपनी मूल संस्कृति और सादगी की ओर लौटना बेहद जरूरी है।

सामाजिक मूल्यों का पतन हो रहा, हम संस्कारों से दूर हो रहे

पंचायत के सचिव राजेंद्र कुमार बरड़वा ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के कारण समाज मूल्यों और संस्कारों से दूर होता जा रहा है। आयोजन अब प्रतिष्ठा और दिखावे का माध्यम बन गए हैं, जिसके चलते कम आय वाले परिवार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। दिखावे की होड़ कई परिवारों को बिखेर रही है और सामाजिक संबंधों में कड़वाहट पैदा कर रही है।

महापंचायत में निम्न प्रमुख निर्णय लिए गए, जो समाज से जुड़े लोगों के लिए मान्य होंगे। शादी-सगाई में सोने का अधिकतम 2 तोला और चांदी का 10 तोला तक उपयोग। सभी सामाजिक कार्यक्रमों में नशे पर पूर्ण प्रतिबंध। प्री-वेडिंग समारोह और डीजे पर पूरी तरह रोक । महंगे निमंत्रण पत्र और कपड़ों के लेन.देन पर रोक। मृत्युभोज और वैकुंठ यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध। मृत्यु के बाद शोक संस्कारों में मिष्ठान वितरण बंद।

मध्ययवर्गीय परिवारों को मिलेगी राहत

जांगिड़ पंचायत में पदाधिकारियों ने बताया कि यह सारी व्यवस्था गरीब और मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई है। उन्होंने कहा कि समाज की परंपरा और संस्कृति के अनुरूप सादगी अपनाना ही समय की मांग है। अन्य सदस्यों ने भी इन फैसलों का समर्थन करते हुए कहा कि सादगी अपनाने से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और अगली पीढ़ी को अच्छी दिशा मिलेगी। यह निर्णय बाड़मेर के साथ-साथ जैसलमेर और जोधपुर जिलों व आसपास के क्षेत्रों में जांगिड़ समाज पर लागू रहेगा। समाज को उम्मीद है कि यह पहल सामाजिक सुधार की दिशा में मजबूत उदाहरण बनेगी।

Updated on:
21 Nov 2025 12:13 pm
Published on:
21 Nov 2025 12:13 pm