बाड़मेर

पूर्व सरपंच का अनूठा निर्णय, तीस बीघा भूमि में खड़ी बाजरे की फसल गायों के लिए छोड़ी

पूर्व सरपंच माधुसिंह राजपुरोहित ने अपनी तीस बीघा भूमि में खड़ी बाजरे की फसल गायों के लिए छोड़ दी।

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Sep 22, 2022
Unique decision of former sarpanch in barmer

समदड़ी(बाड़मेर)। सिलोर गांव के पूर्व सरपंच माधुसिंह राजपुरोहित ने अपनी तीस बीघा भूमि में खड़ी बाजरे की फसल गायों के लिए छोड़ दी। उन्होंने बुधवार को सिलोर की नागदेव गोशाला में पल रही गायों को नागदेव गोशाला के अध्यक्ष टीकमसिंह राजपुरोहित की मौजूदगी में बाजरे की फसल में छोड़ दिया।

बाजरे की फसल को रोग प्रतिरोधक माना जाता है । अब सैकड़ों गायें बाजरे की खड़ी फसल से अपना पेट भर रही हैं। ध्यान रहे कि इस वर्ष बरसात अधिक होने से बाजरे की फसल अच्छी स्थिति में खड़ी है, जो अभी पकने के मुहाने पर खड़ी होने के बावजूद यह अनूठा उदाहरण पेश किया है। इसी प्रकार माधुसिंह परिवार ने गायों के रोग उपचार के निमित्त गोशाला में ग्यारह हजार रुपए की नकद राशि भी जमा कराई है ।

बाजरे की फसल गायों के लिए छोड़ना सराहनीय है। गायों की दवाइयां खरीदने के लिए गोशाला को नकद राशि भी भेंट की है । ऐसे संकट में सभी को आगे आकर पशु सेवा करनी चाहिए।
माधुसिंह पूर्व सरपंच सिलोर

Published on:
22 Sept 2022 02:34 pm