
शिव विधानसभा सीट
पानी दूर की कौड़ी, अकाल में चिपकी पशुओं की अंतडि़यां
बाड़मेर . शिव विधानसभा का गडरा रोड व सुन्दरा का क्षेत्र। बॉर्डर के नजदीक होने के कारण महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस कस्बे व आसपास में पानी की किल्लत साफ नजर आती है। महिलाएं दूर-दूर से पानी लेकर आती दिखाई दी। यहां नर्मदा और इंदिरा गांधी नहर का पानी लाने का वादा किया गया था, लेकिन पानी की आस अब तक बनी हुई ही है। सुबह से ही क्षेत्र में पानी की मशक्कत शुरू हो जाती है, जो पूरे दिन चलती है। यहां सैन्य क्षेत्र में पानी को लेकर किल्लत रहती है। क्षेत्र के समद का पार, बोई, बिजावल और आगे के कई प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में एक-एक शिक्षक हैं। शिक्षक छुट्टी पर जाते हैं तो स्कूल बंद हो जाता है। स्कूली शिक्षा के हाल ऐसे हैं तो उच्च शिक्षा तो यहां दूर की कौड़ी ही बनी हुई है।
पिता की बीमारी में रहे मानवेन्द्र, लोगों के बीच रहे अमीन
यहां से भाजपा से चुने गए विधायक मानवेन्द्रसिंह क्षेत्र में कम आए, उनके पिता जसवंतसिंह की बीमारी को इसकी वजह बताया। लोगों की यह शिकायत रही कि विधायक से मिलने के लिए मुश्किलें रही। हालांकि अब वे भाजपा छोड़ कांग्रेस में आ चुके है। कांग्रेस के अमीनखां चुनाव हारने के बाद भी लगातार दौरों पर रहे और लोगों से मेल मुलाकात कम नहीं की।
विधायक कोष से खर्च
वर्ष राशि कार्य संख्या
2014-15 141.05 347
2015-16 209.14 112
2016-17 270.39 211
2017-18 228.55 121
2018-19 232.44 121
(राशि लाखों में)
2013 का चुनाव
कुल मतदाता 221050
महिला 103023
पुरुष 118027
मानवेंद्रसिंह 100924
अमीन खां 69509
जीत का अंतर 31415
2013 का चुनाव परिणाम
नाम पार्टी कुल मत प्रतिशत
अमीन खां कांग्रेस 69509 39.09
मानवेंद्रसिंह भाजपा 100934 56.80
रेखाराम बीएसपी 2623 1.40
किशनाराम बीएएसडी 888 0.50
दमाराम बीएनएनपी 563 0.32
प्रमुख समस्याएं
शुद्ध पेयजल की किल्लत
कॉलेज खुला पर शिक्षक नहीं मिले
डीएनपी क्षेत्र की समस्याएं
अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त
सफाई की व्यवस्था बदहाल
सीएचसी में नहीं बढ़ी सुविधाएं
टूटी सड़कें, उड़ती धूल
ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें क्षतिग्रस्त होने से कई स्थानों से निकलना मुश्किल हो रहा था। यह हाल एक जगह का नहीं था बल्कि पूरे क्षेत्र में कुछ ऐसा ही था। वहीं कई रास्ते तो कच्चे भी आए, जहां सर्दी की सीजन में भी गर्मी जैसी धूल उड़ती दिखी।
महिलाओं और
युवाओं के मुद्ïदे
युवाओं के लिए कॉलेज तो खुल गया, लेकिन शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई नहीं हो रही है। वहीं कई संकाय नहीं होने से विद्यार्थियों को पसंद के विषय के लिए बाड़मेर आना पड़ रहा है।
अकाल से त्रस्त, पशुओं की दयनीय स्थिति
क्षेत्र के गांवों में घूमते पशुओं की दयनीय हालत पर तरस आ जाता है। पर्याप्त चारा नहीं मिलने के कारण पशुओं की आंतडिय़ा चिपक रही है। क्षेत्र में अकाल के कारण खेत सूखे हैं। गांव की ढाणियों के बाहर किसान चिंतित अवस्था में है। अकाल की विभीषिका में किसान खुद के लिए दो जून की रोटी जुटाएं या पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करें? यह सवाल अन्नदाता को खुद को परेशान करता दिखाई दिया।
सीएचसी में नहीं सुविधाएं, अधिकतर मरीज रैफर
शिव मुख्यालय की सीएचसी में सुविधाओं की कमी नजर आई। यहां इलाज करवाने आए मरीज अन्यत्र जाने की आपस में बातें करते दिखाई दिए। इस बीच कुछ लोग एक घायल को लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां से उपचार देकर तुरंत बाड़मेर रैफर कर दिया। पूछा तो चिकित्साकर्मी ने बताया कि यहां गंभीर मरीजों के लिए उपचार की व्यवस्था नहीं है। इसलिए रैफर करते हैं।