- पथ संचलन कार्यक्रम - भारत माता के जयकारों से गूंजा शहर
बालोतरा.
नगर में रविवार को राष्ट्र सेविका समिति बालोतरा के तत्वावधान में पथ संचलन कार्यक्रम हुआ। इसमें बड़ी संख्या में सेविकाओं ने भाग लिया।
दोपहर में आर्यवीरदल मैदान से प्रथ संचलन प्रारम्भ हुआ। संचलन के चोंच मन्दिर, सिताणियों का धोरा, मुख्य बाजार, गौर का चौक, नाहटा अस्पताल, कुम्हारों का चौक, रेलवे द्वितरय फाटक होकर गुजरने पर इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में नगरवासी उमड़े। समिति की पूर्ण गणवेश पहनी स्वयंसेविकाएं घोषवादन के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही थी। संचलन में बालिका आदर्श विद्या मन्दिर माजीवाला, राजकीय उमावि माजीवालां की छात्राओं सहित अन्य महिलाओं ने भाग लिया। मार्ग किनारे खड़े लोगों ने भारत माता के जयकारे लगाते हुए पुष्पवर्षा से इनका स्वागत किया। आर्य वीर दल मैदान पहुंचकर पथ संचलन सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सनातन धर्म सभा समिति बालोतरा अध्यक्ष महेन्द्र गुप्ता, विश्व हिंदू परिषद के जगदीश निम्बार्क, शिवसेना जिला प्रमुख पन्नालाल सोलंकी, उत्तमसिंह राजपुरोहित, अयोध्या प्रसाद गोयल, मुकेश गोयल,प्रमिता अरोड़ा,नीतू बाहेती, नगर कार्यवाहिका सुमन मेवाड़ा, नगर संचालिका सुमित्रा लुंकड़, आशा निम्बार्क, धापू चौधरीमौजूद थे। संचालन राजुकमारी मानधना ने किया।
संबोधन- पथ संचलन रवानी से पूर्व यहां कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता राष्ट्र सेविका समिति प्रान्त कार्यवाहिका डॉ. सुमन रावलोत ने कहा कि 1936 में विजयादशमी के दिन वर्धा में लक्ष्मीबाई केलकर ने समिति की स्थापना की थी। राष्टीय स्वयं सेवक संघ व सेविका समिति के लिए विजयादशमी पर्व पावन दिन है। समिति स्थापना को 82 वर्ष पूर्ण हुए हैं। समिति व्यक्तित्व निर्माण के साथ राष्ट्र निर्माण का कार्य करती है। इसके लिए सामूहिक रूप से साथ देना आवश्यक है। इन वर्षों में समिति ने देश व समाज में जागृति, इसकी सेवा व महिलाओं के उत्थान का कार्य किया। पथ संचलन, मातृशक्ति की ओर से एक शक्ति प्रदर्शन है। समिति की सेविकाएं झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की तरह देश व समाज की सेवा करें। सदैव सर्तक रहें। अध्यक्षता सारादेवी अग्रवाल ने की। मुख्य अतिथि अजया देवी ओस्तवाल ने कहा कि महिलाएंं राष्ट्र की सर्वोपरि शक्ति है। अब ये किसी से पीछे नहीं है। चांद तक पहुंच गई है। समिति प्रांत प्रचारिका रितु ने आवश्यक जानकारियां दी। इस अवसर पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम हुआ।