युद्धस्तर पर बाड़मेर रिफाइनरी-43129 करोड़ की है रिफाइनरी-4995 करोड़ के काम हो गए- 24255 करोड़ के कार्यादेश-13000 करोड़ की और काम स्वीकृत
बाड़मेर पत्रिका.
प्रदेश के मेगा प्रोजेक्ट रिफाइनरी के लिए 13 हजार के काम की और स्वीकृति जारी हो गई है। रिफाइनरी प्रोसेस युनिट के साथ दो पेट्रोकेमिकल कॉम्पलैक्स युनिट का कार्य भी अब शीघ्र शुरू होगा। 43129 करोड़ की रिफाइनरी के लिए अब करीब 38 हजार करोड़ की स्वीकृति हो गई है। इस बड़ी स्वीकृति को 2022 तक रिफाइनरी के कार्य को पूर्ण करने की ओर बड़ा कदम माना जा रहा है।
पचपदरा के सांभरा में बन रही रिफाइनरी का कार्य युद्ध स्तर पर है। रिफाइनरी को लेकर बजट की आशंकाएं शुरूआती दौर में थी लेकिन करीब एक साल पहले 24255 करोड़ की स्वीकृति ने कार्य की गति को बढ़ाया। नींव स्तर का कार्य होने के बाद प्रोसेस युनिट के लिए काम शुरू हुआ तो 13 हजार करोड़ की स्वीकृतियां की गई है। जिससे 13 प्रोसेस युनिट का कार्य होगा, जो कि रिफाइनरी के प्रोसेसिंग का अहम हिस्सा है। इसके अलावा इसके साथ बन रहे करीब 6000 करोड़ के पेट्रोकेमिकल कॉम्पलैक्स की दो युनिट का कार्य भी प्रारंभ किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह कार्य शुरू होने पर यहां दस हजार से अधिक लोग काम करेंगे।
अलग-अलग कंपनियों को काम
अभी तक सिविल कार्य किया ज रहा था अब मेकेनिकल कार्य प्रारंभ होगा। इसमें प्रोसेस युनिट के लिए अलग-अलग कंपनियों को कार्य दिया गया है। एक्सपर्ट कंपनी अपने कार्य पर केन्द्रित रहने से कार्य की गति एक साथ दिखेगी।
2021 में रिफाइनरी का ढांचा आएगा नजर
करीब 38 हजार करोड़ की स्वीकृति के बाद जानकारों का कहना है कि अब 2021 में रिफाइनरी का ढ़ांचा नजर आ जाएगा। साथ ही अक्टूबर 2022 तक कार्य पूर्ण होने की ओर यह बड़ा कदम होगा। बाड़मेर रिफाइनरी के लिए पेट्रोकेमिकल कॉम्पलैक्स का साथ में तैयार होना बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
अब आएंगे मजदूरों की जगह इंजीनियर्स
अब तक सिविल कार्य में मजदूर वर्ग के 5000 के करीब लोग काम कर रहे थे जो आगे दस हजार हो जाएंगे लेकिन अब इंजिनियर्स की संख्या बढ़ेगी। रिफाइनरी इंजिनियर्स गुजरात के अलावा बाहरी देशों से भी पहुंचेंगे। इसके लिए कंपनियों की ओर से तैयारियां की जा रही है।