बाड़मेर

लापरवाही होने लगी सोशल मीडिया पर वायरल, अब लगा दी रोक

https://www.patrika.com/barmer-news/
2 min read
May 08, 2019
Worried on the social media that started being negligent, now stopped
Worried on the social media that started being negligent, now stopped

लापरवाही होने लगी सोशल मीडिया पर वायरल, अब लगा दी रोक

- सरकारी अस्पताल में वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी करने पर रोक- चौहटन अस्पताल में लगाए नोटिस

-एक माह पहले मृत नवजात को नोचने का वीडियो हुआ था वायरल

बाड़मेर पत्रिका
चौहटन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक माह पहले मृत नवजात का शव कुत्ते के नोचने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लापरवाही कार्मिकों पर कार्रवाई की बजाय अब अस्पताल में वीडियो बनाने व फोटोग्राफी पर ही रोक लगा दी है।

चौहटन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक माह पहले गर्भवती को प्रसव के लिए भर्ती किया गया था, लेकिन उसका प्रसव नहीं हुआ और रैफर कर दिया। इस दौरान उस महिला का प्रसव गैलेरी में हो गया और मृत नवजात को कुत्ते ने नोच दिया। जबकि चिकित्सकों का दावा है कि प्रसव हुआ था और मृत नवजात के साथ परिजन की लापरवाही से ऐसा हुआ था। घटनाक्रम के बाद सीएमएचओ व एसडीएम ने दावा घटना की जांच कर दोषी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही थी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अब ऐसे नोटिस किए हैङ्क्ष चस्पा

चौहटन अस्पताल के हर कमरे में नोटिस चस्पा किए गए हैं। जिस पर लिखा है कि अस्पताल परिसर में आमजन एवं पत्रकार बताकर अनाधिकृत रूप से बिना अनुमति फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी नहीं करें।
---

यों होगी कार्रवाई
- ऐसे व्यक्ति जो पत्रकार नहीं है, पत्रकार बन कर फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी करते हैं, तो उनके विरुद्ध धारा 417 भादसं के तहत कार्रवाई होगी।

- महिला मरीज, महिला अधिकारी/कर्मचारी की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी से उनकी निजता प्रभावित होने पर फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी करने वाले के विरूद्ध धारा 354सी भादसं के तहत कार्रवाई होगी।
- ऐसे व्यक्ति जो फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी कर राजकार्य में बाधा पहुंचाते हैं, तो उनके विरूद्ध धारा 353 भादसं के तहत कार्रवाई होगी।

---
- नोटिस चस्पा किए हैं

अस्पताल में नोटिस चस्पा किए हैं। कोई भी व्यक्ति लेबर रूम की फोटोग्राफी नहीं करे। अस्पताल परिसर में फोटोग्राफी नहीं करें। चौहटन प्रकरण में ऐसा कुछ नहीं था, उसकी जांच हो गई, कार्मिकों की लापरवाही नहीं थी। - कमलेश चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बाड़मेर

Published on:
08 May 2019 09:44 pm