स्थानीय ग्रामीणों ने दी प्रदर्शन की चेतावनी : आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के निजी वाहनों को किया था टोलमुक्त
गठवाड़ी. जयपुर-दिल्ली नेशनल हाइवे से जुड़े मनोहरपुर-दौसा राजमार्ग पर नेकावाला गांव स्थित टोल प्लाजा पर टोल प्रबंधन मनमर्जी पर उतरने लगा है। टोल प्रबंधन आस पास की ६ ग्राम पंचायतों के निजी वाहनों टोल मुक्त करने का वादा कर मुकर रहा है। इससे स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। मामले में टोल प्रबंधन व कर्मचारी स्थानीय सरपंचों की सहमति होने के बाद ग्राम पंचायतों के निजी वाहनों का भी मासिक पास बनाने की बात कह रहे हंै। जबकि सरपंच इस मामले में किसी प्रकार की सहमति नहीं होने की बात कह रहे हंै। रतनपुरा निवासी हनुमान रूंडला, धीरावास निवासी प्रकाश गोडल्या ने बताया कि नेकावाला टोल से गुजरने पर टोलकर्मी स्थानीय वाहनों का भी 255 रुपए का मासिक पास बनाने का हवाला देते हैं। ऐसे में कई बार टोलकर्मी व वाहन चालकों में झगड़े की नौबत आ जाती है। वाहन चालकों ने बताया कि जब ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल की लिखित मांग पर टोल संचालक विनोद मलिक ने गठवाड़ी, बोबाड़ी, जयचंदपुरा, बहलोड़, केलाकाबास व धौला ग्राम पंचायत के गांवों के निजी वाहनों को टोल मुक्त करने पर सहमति जताई थी। इसके बाद कुछ दिन बाद तक टोल प्लाजा पर निजी वाहनों से टोल भी नहीं लिया गया। अब टोल प्रबंधन मासिक पास बनाने का हवाला देते हुए वाहन चालकों से टोल वसूल रहा है। वाहन चालकों ने बताया कि जयपुर-दिल्ली हाइवे स्थित मनोहरपुर टोल प्लाजा पर निजी वाहन चालकों का 150 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से मासिक पास बनाया जाता है। जबकि नेकावाला में 255 रुपए मांगे जा रहे हैं।
...तो करेंगे धरना प्रदर्शन
स्थानीय ग्राम पंचायतों के निजी वाहनों से टोल वसूलने की सूचना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। गठवाड़ी सरपंच बाबूलाल मीणा, धौला सरपंच मुकेश सैनी, जयचंदपुरा सरपंच बबीता मीणा, बहलोड़़ सरपंच अनिता गुर्जर व केलाकाबास सरपंच रोहिताश बुनकर ने टोल प्रबंधन की दोहरी नीति का विरोध किया है। सरपंच सहित ग्रामीणों ने टोल प्लाजा पर धरना देने की चेतावनी दी है।
इन मांगों पर बनी थी सहमति
मनोहरपुर-दौसा हाइवे पर नेकावाला गांव में १० अक्टूबर से टोल प्लाजा शुरू हुआ था। इसी दिन स्थानीय ग्राम पंचायतों केे बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों को टोल मुक्त करने की मांग को लेकर टोल प्लाजा पर पहुंच गए थे। करीब दो घंटे तक टोल प्रबंधन व ग्रामीणों में वार्ता हुई। इसके बाद टोल संचालक विनोद मलिक ने 6 ग्राम पंचायतों के निजी वाहनों को टोल मुक्त करने व इन्हीं पंचायतों के स्कूल बस का 300 रुपए प्रतिमाह पास बनाने पर लिखित सहमति जताई थी। इसके बाद 13 अक्टूबर को लोडिंग जीप चालकों ने टोल राशि ज्यादा वसूलने को लेकर करीब तीन घंटे हंगामा किया था। टोल प्रबंधन ने लोडिंग जीप का 355 रुपए प्रतिमाह पास बनाने की सहमति कराकर मामला शांत करवाया था।
इनका कहना है...
स्थानीय वाहन चालक रोजाना वाहन की आरसी व परिचय पत्र दिखाने में आनाकानी करते हैं। पहली बार में वाहन चालकों को 255 रुपए देकर पास बनवाना होगा। इसके बाद वाहन टोल मुक्त रहेंगे।
लोकेन्द्र शर्मा, टोल प्रबंधक, टोल प्लाजा नेकावाला
टोल प्रबंधन ने स्थानीय 6 ग्राम पंचायतों के निजी वाहनों को टोल मुक्त करने की घोषणा की थी। अब टोल प्रबंधन मनमानी कर रहा है, जो गलत है।
बाबूलाल मीणा, सरपंच, गठवाड़ी