
फोटो - पीड़ित किसान जगदीश शर्मा
जयपुर/चाकसू। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ तहसील क्षेत्र के कई पात्र किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है। वजह कोई पात्रता की कमी नहीं, बल्कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में दर्ज गलत पता है। तकनीकी खामी और प्रशासनिक उदासीनता के चलते किसान पिछले कई वर्षों से योजना की किस्तों से वंचित हैं।
हालत यह है कि किसान तहसील कार्यालय, जिला प्रशासन और हेल्पलाइन तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। मामले में जिला कलक्टर से हस्तक्षेप कर जल्द समाधान करवाने और पात्र किसानों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
प्रभावित किसानों का कहना है कि उनकी खातेदारी भूमि की जमाबंदी सही गांव के नाम से दर्ज है, लेकिन पीएम किसान योजना के पोर्टल पर पता गलत अंकित हो गया। कई किसानों के पते चाकसू की बजाय कोलायत और फतेहपुर सीकर दर्शाए जा रहे हैं। इसके कारण किसानों के खातों में योजना की राशि नहीं पहुंच रही।
कृपारामपुरा निवासी प्रभु नारायण शर्मा, रामेश्वर शर्मा, राम कल्याण बैरवा तथा जयसिंहपुरा निवासी सांवरमल प्रजापति सहित कई किसानों ने बताया कि वे बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कई बार जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी गई, यहां तक कि 181 हेल्पलाइन पर भी परिवाद दर्ज करवाए गए, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
किसानों का कहना है कि योजना का लाभ नहीं मिलने से खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरकार जहां किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए हर साल केंद्र की ओर से 6000 और राज्य सरकार की ओर से 3000 रुपए देती है, वहीं तकनीकी खामियां किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर रही हैं।
करीब चार साल से योजना की किस्त का इंतजार कर रहे हैं। तहसील कार्यालय में जानकारी लेने पर पता चला कि रजिस्ट्रेशन में गांव कृपारामपुरा, चाकसू की जगह कोलायत और फतेहपुर सीकर दर्ज हो गया है। जबकि रजिस्ट्रेशन के समय सही जानकारी दी गई थी। तहसील कार्यालय व संपर्क पोर्टल पर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
मामले में करीब 70 किसानों की शिकायतें गलत पते के कारण लंबित हैं। इस संबंध में कई बार जिला कलक्टर को पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो पाया है।
Updated on:
11 May 2026 07:02 pm
Published on:
11 May 2026 03:56 pm
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