इस शहर में आपने ऐसी सुबह नहीं देखी होगी। इन तस्वीरों को देखकर आप भी दंग रह जाएंगे। बुधवार को संभागीय मुख्यालय के शहर जगदलपुर को कोहरे ने ढक लिया। सुबह नौ बजे तक स्थिति यह थी, सूरज देवता के दर्शन मुश्किल हो गए थे। कोहरे ने सूरज की रोशनी को धरती तक आने नहीं दिया और शहर से सूरज का नजारा किसी चांद सा दिखाई दे रहा था।
सुबह सबसे ज्यादा घना कोहरा दलपत सागर से जुड़े इलाके में दिखाई दिया। स्थिति यह थी वहां दस फीट की दूरी के बाद कुछ भी नहीं दिखाई दे रह था। दंतेश्वरी मंदिर, मेन रोड, बस्तर हाईस्कूल रोड, शहीद पार्क, लालबाग समेत शहर के दूसरे इलाके में भी काफी घना कोहरा छाया रहा।
लाइट जलाकर चलानी पड़ी गाडिय़ां
हमेशा की तरह सुबह पांच बजे से ही शहर में हलचल शुरू हो गई थी पर लोगों को रोशनी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। कोहरा इतना घना था, सुबह आठ बजे तक अमूमन शहर के सभी इलाके में 15 फीट दूरी के बाद कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। गाड़ी चलाने वालों को काफी दिक्कतें हुई। नौ-साढ़े नौ बजे तक लोगों को हेडलाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ रही थी। अब आगे पढि़ए क्या है कोहरा और कैसे बनता है यह।
ऐसा बादल जो जमीन के होता है पास
कोहरा प्राय: ठंडी आर्द्र हवा में बनता है और इसके बनने की प्रक्रिया बादलों जैसी ही होती है। गर्म हवा की अपेक्षा ठंडी हवा अधिक नमी लेने में सक्षम होती है और वाष्पन से यह नमी ग्रहण करती है। ये वह बादल होता है जो जमीन के निकट बनता है। बादल का वह भाग जो जमीन से जुड़ा होता है कोहरा कहलाता है। कोहरा कई तरीकों से बन सकता है पर अधिकतर कोहरे दो श्रेणियों, एडवेक्शन फॉग और रेडिएशन फॉग में बदल जाते हैं। दोनों ही प्रकार में कोहरा आम हवा से अधिक ठंडा महसूस होता है। ऐसा उसमें भरी हुई नमी के कणों के कारण होता है।
एडवेक्शन फॉग तब बनता है जब गर्म हवा का एक विशेष हिस्सा किसी नम प्रदेश के ऊपर पहुंचता है। कई बार कोहरा काफी घना भी होता है। इससे दूर देखने में परेशानी महसूस होती है। समुद्र किनारे रहने वाले लोग एडवेक्शन फॉग से परिचित होते हैं।
रेडिएशन फॉग तब बनता है जब धरती की ऊपरी परत ठंडी होती है। ऐसा अक्सर शाम के समय होता है। धरती की ऊपरी परत ठंडी होने के साथ ही हवा भी ठंडी हो जाती है, इस कारण कोहरा बनता है। कोहरा कई पहाड़ी घाटियों में भी छाया रहता है। वहां ऊपरी गर्म हवा ठंडी हवा को जमीन के निकट रखती है। ऐसा कोहरा प्राय: सुबह के समय होता है। सूरज निकलने के बाद ठंडी हवा गर्म होती है और ऊपर उठती है। इसके बाद से कोहरा छंटना शुरू हो जाता है।