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6 मौतें और 5 अरब डॉलर का नुकसान: बाल्टीमोर हादसे में फंसे भारतीय सुपरिटेंडेंट पर लगे ये गंभीर आरोप

Baltimore Ship Crash Criminal Case: बाल्टीमोर जहाज हादसे में अमेरिकी न्याय विभाग ने भारतीय तकनीकी अधीक्षक राधाकृष्णन कार्तिक नायर और सिनेर्जी मरीन पर आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। हादसे में 6 लोगों की मौत और 5 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।

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भारत

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Rahul Yadav

May 13, 2026

Baltimore Ship Crash Bridge

Baltimore Ship Crash Bridge (AI Image)

Baltimore Bridge Crash Indian Superintendent: अमेरिका के बाल्टीमोर में मार्च 2024 में हुए भीषण जहाज हादसे को लेकर अब बड़ा कानूनी एक्शन लिया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने सिंगापुर की शिप प्रबंधन कंपनी सिनेर्जी मरीन, चेन्नई स्थित सिनेर्जी मैरिटाइम और जहाज डाली से जुड़े भारतीय तकनीकी अधीक्षक राधाकृष्णन कार्तिक नायर के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। इस हादसे में छह निर्माण कर्मियों की मौत हुई थी और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इससे करीब 5 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ था।

अमेरिकी न्याय विभाग ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद जरूरी तकनीकी जानकारी छिपाई गई और जांच एजेंसियों को गलत जानकारी दी गई। आरोपियों पर साजिश, अमेरिकी तटरक्षक बल को खतरनाक तकनीकी स्थिति की तत्काल जानकारी न देने, जांच में बाधा डालने और झूठे बयान देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

डाली जहाज से जुड़ा है पूरा मामला

यह मामला कंटेनर जहाज डाली से जुड़ा है जिसने मार्च 2024 में अमेरिका के बाल्टीमोर स्थित फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज को टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद पुल का बड़ा हिस्सा ढह गया था।

डाली जहाज का संचालन सिनेर्जी मरीन कर रही थी जबकि जहाज का मालिकाना हक ग्रेस ओशन प्राइवेट लिमिटेड के पास था। जहाज के अधिकांश चालक दल के सदस्य भारतीय थे। अक्टूबर 2024 में सिनेर्जी और ग्रेस ओशन ने इस मामले में अमेरिकी सरकार के दीवानी दावे को निपटाने के लिए करीब 102 मिलियन डॉलर देने पर सहमति जताई थी। हालांकि अब अमेरिकी न्याय विभाग ने इस मामले में आपराधिक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

दो बार बिजली जाने से हुआ हादसा

जांच में सामने आया है कि हादसे से पहले जहाज में दो बार बिजली व्यवस्था ठप हुई थी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक पहली बार एक ढीले बिजली तार के टूटने की वजह से बिजली गई थी। हालांकि जहाज ने पहली बार खुद ही बिजली व्यवस्था बहाल कर ली थी। लेकिन दूसरी बार बिजली जाने की घटना ज्यादा गंभीर साबित हुई। जांच एजेंसियों का कहना है कि जहाज के जनरेटर में गलत प्रकार के ईंधन पंप का इस्तेमाल किया गया था। इससे जनरेटर तक पर्याप्त ईंधन नहीं पहुंच पाया और पूरी बिजली व्यवस्था बंद हो गई। पावर फेलियर और स्टीयरिंग खराब होने के कारण जहाज अनियंत्रित हुआ और पुल को टक्कर मार दी।

जानकारी छिपाने का आरोप

अमेरिकी न्याय विभाग का आरोप है कि ईंधन पंप से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जांच के दौरान छिपाई गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच एजेंसियों को गलत बयान दिए गए और तकनीकी खामियों की पूरी जानकारी साझा नहीं की गई।

इसी आधार पर सिनेर्जी मरीन, सिनेर्जी मैरिटाइम और भारतीय तकनीकी अधीक्षक राधाकृष्णन कार्तिक नायर के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

हादसे के बाद बढ़ी थी वैश्विक चिंता

बाल्टीमोर बंदरगाह अमेरिका के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक माना जाता है। फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज हादसे के बाद कई दिनों तक समुद्री यातायात प्रभावित रहा था। इस हादसे ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा और जहाजों के तकनीकी रखरखाव को लेकर भी कई सवाल खड़े किए थे। अब अमेरिकी एजेंसियों की आपराधिक कार्रवाई के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है।