राजनीति में प्रवेश के लिए तय मानक 21 वर्ष की उम्र में ग्राम पंचायत सरपंच बनकर विमलेश्वरी ध्रुव कर रही क्षेत्र का विकास
बेमेतरा . राजनीति के मामले में प्रदेश की दशा और दिशा को बदलने वाले बेमेतरा जिले में राजनीति की दशा और दिशा को महिलाएं बदल रही हैं। राजनीति में प्रवेश के लिए तय मानक 21 वर्ष की उम्र में ग्राम पंचायत सरपंच बनकर विमलेश्वरी ध्रुव क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखकर गणतंत्र को मजबूर कर रही हैं। जिले की राजनीति में दशकों से अपना रुतबा रखने वाले नेता भी राजनीति की इस नई पौध की कायल हैं।
स्नातक की पढ़ाई करने के बाद गांव के पिछड़ेपन को कर रहीं दूर
जिले की सबसे कम उम्र की महिला सरपंच बनने वाली विमलेश्वरी धु्रव स्नातक करने के बाद नौकरी या व्यवसाय करने की बजाए ग्रामसेवा का रास्ता चुना। 3 वर्ष से अधिक समय से ग्राम पंचायत खम्हरिया की बागडोर सम्हाल रही विमलेश्वरी आज गांव में विकास कर एक नई इबारत लिख रही है। पत्रिका से बातचीत के दौरान विमलेश्वरी ने बताया की वह वर्षों से अपने गांव के पिछड़ेपन को दूर करने का सपना देखा करती थी, और जब अवसर मिला तो सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा और लोगों ने उन्हें जीत भी दिलाई। आज गांव के साथ-साथ लोगों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही हूं।
सबसे कम उम्र में बनी महिला सरपंच
जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर बेमेतरा ब्लॉक के खम्हरिया गांव की सरपंच विमलेश्वरी जिले के इतिहास में महज 21 वर्ष की उम्र में सरपंच बनने वाली पहली महिला है। आज 24 साल की उम्र में वह दूसरों को रास्ता दिखा रही है। विमलेश्वरी का मानना है की अगर आत्मविश्वास हो तो सफलता जरूर मिलती है।
ग्रामीणों की सेवा को दिया प्राथमिकता
विमलेश्वरी ने ग्राम की परिधि को लांघने का साहस दिखाते हुए बेमेतरा में जाकर स्नातक की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज से की पढ़ाई लांघकर बेमेतरा में पीजी कॉलेज से कला में स्नातक किया। इसके बाद नौकरी करने की बजाए वापस गांव आकर जनप्रतिनिधि के रूप में ग्रामीणों की सेवा करने का निर्णय लिया। सरपंच विमलेश्वरी ध्रुव ने कहा कि दूसरे गांवों की तुलना में मेरा गांव पिछड़ा हुआ था, जिसे देखकर मै राजनीति में आई हूं। कोशिश कर रही हूं कि गांव का विकास कर एक नई पहचान दिलाऊं।
महिला सशक्तिकरण का मिसाल है गांव
ग्राम पंचायत खम्हरिया में न केवल महिला संरपच है, बल्कि गांव का थानेदार कहलाने वाले कोटवार पद पर भी महिला कौशल्या सारथी वर्षों से अपनी जिम्मदारी निभा रही हैं। इसके अलावा पंचायत सचिव पद पर नीलू साहू पदस्थ हैं।
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