
पीएम आवास योजना में लापरवाही (Photo Patrika)
Bemetara News: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ बेमेतरा प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। ग्राम हेमाबंध की पात्र हितग्राही सुनीता कोशले का नाम गलती से ‘आवास प्लस’ सूची से हटाए जाने के मामले में जिला पंचायत ने कार्यपालन अधिकारी और संबंधित पंचायत सचिव को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया है। कलेक्टर के अनुमोदन के बाद जारी आदेश में दोनों अधिकारियों को अपनी निजी आय से हितग्राही को योजना के तहत मिलने वाली 1.20 लाख रुपए की राशि किस्तों में भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच में सामने आया कि समान नाम वाले दूसरे व्यक्ति का चयन होने से सुनीता कोशले का नाम सॉफ्टवेयर से विलोपित हो गया। इसके चलते पात्र होने के बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका। सुनीता ने इस संबंध में ‘सुशासन तिहार’ सहित विभिन्न मंचों पर शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद जिला पंचायत ने यह कार्रवाई की।
जिला पंचायत ने अपने आदेश में कहा है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही से पात्र हितग्राहियों को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। यह फैसला भविष्य में सरकारी योजनाओं के संचालन में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि ऐसी लापरवाही दोबारा सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से आर्थिक दायित्व उठाना पड़ सकता है।
जिला पंचायत द्वारा जारी आदेश के अनुसार कार्यपालन अधिकारी और संबंधित पंचायत सचिव को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राही को मिलने वाली 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि अपनी निजी आय से किस्तों में अदा करनी होगी। यह निर्णय सरकारी योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
बेमेतरा प्रशासन की यह कार्रवाई प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण नजीर मानी जा रही है। इससे यह संदेश गया है कि सरकारी योजनाओं में की गई गलती का खामियाजा अब केवल हितग्राही ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारी भी भुगतेंगे।
Updated on:
12 Jul 2026 01:57 pm
Published on:
12 Jul 2026 01:57 pm
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