
फैक्ट्री ब्लास्ट (Photo patrika)
Nagpur blast linked: महाराष्ट्र के नागपुर जिले में स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के विस्फोटक कारखाने में हुए भीषण धमाके की जांच अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच गई है। 1 मार्च 2026 को महाराष्ट्र के नागपुर जिले के राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के कारखाने में हुए विस्फोट में 25 श्रमिकों की जान चली गई थी। 2024 में बेमेतरा स्थित एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में धमाके के तार भी इसी कंपनी से जुड़े बताएं जा रहे हैं।
नागपुर पुलिस की टीम ने दो दिन पहले रायपुर के फाफाडीह स्थित कंपनी कार्यालय में दबिश दी और छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ मिलकर कंपनी के संचालकों आलोक चौधरी और संजय चौधरी की तलाश की, लेकिन दोनों फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों और अमरीकी ट्रेजरी विभाग की कार्रवाई के अनुसार, अमरीका ने सूडान में चल रहे गृहयुद्ध में विस्फोटकों की कथित आपूर्ति के आरोप में एसबीएल एनर्जी लिमिटेड, उसके सीईओ आलोक चौधरी समेत आठ व्यक्तियों एवं संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया है। अमरीकी एजेंसियों का आरोप है कि कंपनी ने सूडान को बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भेजी, जिसका इस्तेमाल युद्ध में किया गया। कंपनी ने इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष अलग तरीके से रखा है।
नागपुर की घटना ने बेमेतरा फैक्ट्री विस्फोट की याद भी ताजा कर दी है। 25 मई 2024 को बेमेतरा स्थित एसबीएल की फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके में नौ लोगों की मौत हुई थी। दोनों घटनाओं के बाद सुरक्षा मानकों, विस्फोटक निर्माण और कंपनी प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। अब नागपुर पुलिस की जांच की दिशा रायपुर तक पहुंचने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है और जांच एजेंसियां कंपनी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने कहा एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के राजधानी स्थित ठिकानों पर छापेमारी के लिए नागपुर पुलिस ने हमसे संपर्क किया था। देवेंद्र नगर थाने की टीम के साथ हमने सहायता उपलब्ध कराई थी।
Updated on:
01 Jul 2026 01:18 pm
Published on:
01 Jul 2026 01:18 pm
