
डायल-112 की गाड़ी (Photo Patrika)
Chhattisgarh Suicide Case: बेमेतरा जिले के नवागढ़ क्षेत्र में डायल-112 सेवा टीम की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से एक युवक की जान बच गई। वार्ड क्रमांक-15 तिलका पारा में एक युवक द्वारा फांसी लगाने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और समय रहते उसे फंदे से नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार डायल-112 सेवा टीम नवागढ़ को सूचना मिली कि वार्ड क्रमांक-15 तिलका पारा निवासी एक युवक शराब के नशे में अपने कमरे में फांसी लगाने का प्रयास कर रहा है। सूचना मिलते ही डायल-112 टीम और थाना नवागढ़ पुलिस तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।
मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि युवक कमरे के अंदर पंखे से लुंगी का फंदा बनाकर झूल रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना समय गंवाए कमरे की खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया। डायल-112 में तैनात आरक्षक विजय कुमार घृतलहरे, चालक सोमेश साहू तथा थाना नवागढ़ के प्रधान आरक्षक राजीव शर्मा, आरक्षक भूपेंद्र चंद्रवंशी और राहुल दुबे ने मिलकर युवक को सुरक्षित फंदे से नीचे उतारा।
युवक को बचाने के बाद पुलिस टीम ने उसे तत्काल डायल-112 वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नवागढ़ पहुंचाया, जहां उसे उपचार के लिए भर्ती कराया गया। समय पर पुलिस के पहुंचने से युवक की जान बच गई।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू (IPS) ने डायल-112 सेवा और थाना नवागढ़ की टीम की सराहना की। उन्होंने आरक्षक विजय कुमार घृतलहरे, चालक सोमेश साहू, प्रधान आरक्षक राजीव शर्मा, आरक्षक भूपेंद्र चंद्रवंशी और राहुल दुबे सहित पूरी टीम की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय लोगों की जान बचाना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आम जनता की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू (IPS) ने डायल-112 सेवा और थाना नवागढ़ की पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने आरक्षक विजय कुमार घृतलहरे, चालक सोमेश साहू, प्रधान आरक्षक राजीव शर्मा, आरक्षक भूपेंद्र चंद्रवंशी और राहुल दुबे के साहस, त्वरित निर्णय क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में लोगों की जान बचाना भी है। डायल-112 की यह कार्रवाई पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली और जनता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
Updated on:
27 Jun 2026 05:45 pm
Published on:
27 Jun 2026 05:44 pm
