
Chhattisgarh Crime News: बेमेतरा जिले के चंदनू थाना क्षेत्र में सामने आए रूह कंपा देने वाले हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। 50 वर्षीय महिला की हत्या के बाद शव के साथ दुष्कर्म करने और फिर उसके टुकड़े-टुकड़े कर शिवनाथ नदी में फेंकने वाले आरोपी रामप्रसाद सोनवानी उर्फ बंगाली (42) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस को ड्रोन कैमरे, नाव, हाई-पॉवर सर्च लाइट और साइबर तकनीक का सहारा लेना पड़ा। महिला के लापता होने के दो दिन बाद शिवनाथ नदी किनारे दो गठरियों में उसका क्षत-विक्षत शव मिला था। एक गठरी में धड़ और सिर, जबकि दूसरी में कंधे और जांघ से काटे गए हाथ-पैर थे। शव की हालत देखकर ग्रामीणों के साथ पुलिस भी सन्न रह गई।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा, आरी और शेष नकदी बरामद कर ली है। जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2017 में भी एक महिला की हत्या के मामले में सजा काट चुका है। ( Bemetara Murder ) उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। एसपी त्रिलोक बंसल ने बताया कि आरोपी के मोबाइल का उपयोग नहीं करने और पानी वाले क्षेत्रों में छिपने की आदत के कारण जांच चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन आधुनिक तकनीक और लगातार सर्च अभियान से पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करने में सफल रही।
हिरासत में लिए जाने के बाद शातिर आरोपी ने जुर्म कबूल करते हुए जो कहानी सुनाई, उसने पुलिस अधिकारियों को भी स्तब्ध कर दिया। आरोपी बंगाली ने बताया कि मृतका के परिवार से उसकी पुरानी निजी रंजिश चल रही थी। घटना की रात जब महिला घर में अकेली थी, तब आरोपी ने उसके घर में जबरन घुसकर गलत काम करने का प्रयास किया। जब महिला ने अपनी पूरी ताकत से इसका कड़ा विरोध किया तो गुस्से में आकर आरोपी ने पास में रखे लकड़ी के बेंत वाले फावड़े से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया, जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद भी आरोपी की दरिंदगी शांत नहीं हुई और उसने मृत शव के साथ भी अमानवीय हरकत की।
आरोपी ने सबूत मिटाने में कोई कसर नहीं छोड़ रखी थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस संदेही पर शक की सुई घूम रही थी। वह गांव से नदारद था। वह पानी के रास्तों का इस्तेमाल कर पुलिस को चकमा देने की फिराक में था। इस चुनौती से निपटने के लिए दुर्ग रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य और एसपी त्रिलोक बंसल के निर्देश पर एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। उफनती नदी और दुर्गम जलीय क्षेत्रों में आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने और साक्ष्यों को ढूंढने के लिए विशेष रूप से ड्रोन कैमरों, नावों और सर्च लाइटों का उपयोग कर आरोपी का घेराव किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी अभिषेक शांडिल्य और एसपी त्रिलोक बंसल के निर्देश पर तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। आरोपी नदी-तालाबों में तैरने में माहिर था और मोबाइल का उपयोग नहीं करता था। ऐसे में पुलिस ने ड्रोन कैमरे, नाव, हाई-पॉवर सर्च लाइट और साइबर सेल की मदद से नदी क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पहचान छिपाने के लिए घर में रखी आरी से दोनों हाथ और पैर काट दिए। शव के टुकड़ों को दो गठरियों में बांधकर एक दिन तक झोपड़ी में छिपाए रखा और अगले दिन रात में शिवनाथ नदी में फेंक दिया। महिला के घर से 2500 रुपए नकद भी ले गया। पुलिस ने आरोपी रामप्रसाद सोनवानी उर्फ बंगाली के खिलाफ धारा 103 (1), 238, 305 (क) और 331 (8) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और न्यायालय में पेश किया।
इस खौफनाक मामले का खुलासा तब हुआ, जब चंदनु थाना क्षेत्र की रहने वाली एक 50 वर्षीय महिला अचानक अपने घर से लापता हो गई। गुमशुदगी दर्ज कराने के दो दिन बाद, परिजनों और ग्रामीणों को शिवनाथ नदी के किनारे पानी में दो गठरियां दिखाई दीं, जब इन गठरियों को खोला गया, तो वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। एक गठरी में महिला का धड़ और सिर था, जबकि दूसरी कंबल और पॉलीथिन में लिपटी गठरी में कंधे और कमर से कटे हुए दोनों हाथ-पैर सड़ रहे थे।