
Bemetara Cyber Fraud: सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती और विदेशी तोहफा भेजने का लालच देकर साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। कवर्धा जिले की मूल निवासी युवती बेमेतरा में साइबर ठगों के जाल में फंसकर लगभग 6 लाख 44 हजार रुपए की धोखाधड़ी का शिकार हो गई। पुलिस ने ऐडमिना (बदला हुआ नाम) की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पीड़िता की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 15 दिनों के दौरान एक अज्ञात शख्स से बातचीत शुरू हुई। आरोपी ने खुद को ब्रिटेन का निवासी बताकर पीड़िता को अपने झांसे में लिया। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातें बढ़ने लगीं और आरोपी ने पीड़िता का विश्वास जीतकर उसे विदेश से महंगे उपहार भेजने का लालच दिया। शातिर ठग ने पीड़िता को सोने के सेट, नकदी, मोबाइल और हीरे की अंगूठी भेजने का वादा किया। इसके बाद आरोपी ने सामान की कूरियर पैकिंग करने की फर्जी तस्वीरें व रसीदें पीड़िता के व्हाट्सएप पर भेजीं, जिससे पीड़िता को उसकी बातों पर पूरा भरोसा हो गया। इसके तुरंत बाद ठगी की प्रक्रिया शुरू हुई।
ठग गिरोह के अन्य सदस्यों ने कूरियर एजेंट, बैंक कर्मचारी और कस्टम्स अधिकारी बनकर पीड़िता से संपर्क किया। उन्होंने पार्सल क्लियरेंस, कस्टम ड्यूटी और टैक्स के नाम पर पैसों की मांग की। आरोपियों के दबाव में आकर पीड़िता ने विभिन्न किस्तों में कुल 6 लाख 40 हजार रुपए से अधिक की रकम खाते में ट्रांसफर किए पर पार्सल नहीं पहुंचा।
रकम देने के बाद भी जब पार्सल नहीं पहुंचा और आरोपियों ने और अधिक रकम की मांग की तब पीड़िता को धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इसके बाद उसने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया और तकनीकी टीम की मदद से मामले की जांच शुरू की। बेमेतरा थाना प्रभारी सोनम ग्वाला ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। ट्रांजेक्शन संबंधी डाटा जुटाया जाएगा।
बेमेतरा जिले में ठगी और साइबर अपराधों के बढ़ते आंकड़े पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। वर्ष 2023 से लेकर फरवरी 2026 तक जिले में ठगी के कुल 63 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार, 2023 में सामान्य साइबर ठगी के 17 मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 22 सामान्य और 13 साइबर ठगी के प्रकरण बन गए। वहीं 2025 में 12 मामले दर्ज हुए और 2026 के शुरुआती दो महीनों में ही 5 नए मामले सामने आ चुके हैं। यह स्थिति तब है, जब बेमेतरा पुलिस जनता को सचेत करने के लिए सालभर में 225 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर चुकी है।
ठगी की घटनाओं को देखते हुए बेमेतरा एसडीओपी भूषण एक्का ने आम जनता से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों को आगाह किया है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपने घर में प्रवेश न दें और न ही ‘सोना चमकाने’, ‘पैसा दोगुना करने’ या ‘तांत्रिक क्रियाओं’ के नाम पर आने वाले संदिग्धों के झांसे में आएं। यदि ऐसा कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ नशापान करना या उसे अपने वाहन की चाबी सौंपना अत्यंत जोखिम भरा हो सकता है।
अप्रैल माह में साजा क्षेत्र स्थित ग्राम पिपरिया में पारिवारिक समस्या दूर करने और जेवर सिद्ध करने का झांसा देकर एक ढोंगी बाबा ने 6.63 लाख रुपए ठग लिए। पीड़ित भागवत साहू से आरोपी गोरखनाथ शक्ति बाबा ने किस्तों में नकद और महिलाओं से लगभग 5 लाख रुपए के सोने के आभूषण ऐंठ लिए। पीड़ित की शिकायत पर साजा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया और 10 दिनों के भीतर आरोपी को दूसरे राज्य से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला बेमेतरा जिला मुख्यालय के वार्ड 4 का है, जहां किसी की मदद करना एक परिवार को भारी पड़ गया। 5 जनवरी को संतोषी यादव के घर एक अज्ञात व्यक्ति पहुंचा और फोटो दिखाकर शादी-रिश्ते की बात करने लगा। मना करने पर उसने खुद को बस स्टैंड तक छोड़ने का अनुरोध किया। महिला का बेटा जब अपनी बाइक से उसे छोड़ने निकला तो आरोपी ने बातों में उलझाकर उसे शराब भट्टी ले जाकर जमकर शराब पिला दी।
जैसे ही युवक अचेत हुआ, शातिर ठग उसकी मोटरसाइकिल लेकर रफूचक्कर हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी जब बाइक का कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने सिटी कोतवाली में मामला दर्ज कराया। साजा मामले में जहां पुलिस को सफलता मिल चुकी है। वहीं इस बाइक चोरी के प्रकरण में आरोपी अभी तक पकड़ा नहीं गया है।