-नगर पालिका ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जारी किए वर्क ऑर्डर, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य। बैतूल। शहर के सरकारी स्कूलों की जर्जर होती इमारतों, टूटे कमरों, खराब छतों और अव्यवस्थित परिसरों की तस्वीर अब जल्द बदलने वाली है। नगर पालिका बैतूल ने शहर के 20 शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हाई सेकेंडरी स्कूलों […]
बैतूल। शहर के सरकारी स्कूलों की जर्जर होती इमारतों, टूटे कमरों, खराब छतों और अव्यवस्थित परिसरों की तस्वीर अब जल्द बदलने वाली है। नगर पालिका बैतूल ने शहर के 20 शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हाई सेकेंडरी स्कूलों के मरम्मत कार्य के लिए ठेकेदार तय कर लिए हैं तथा वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए गए हैं। अब जल्द ही स्कूलों में मरम्मत और रखरखाव का काम शुरू होगा। इस योजना पर कुल 1 करोड़ 18 लाख 88 हजार 600 रुपए खर्च किए जाएंगे। नगर पालिका द्वारा तैयार की गई सूची के अनुसार यह कार्य शहरी शिक्षा भवन संधारण योजना के तहत कराया जाएगा। इसमें भवनों की मरम्मत, छत सुधार, रंगाई-पुताई, फर्श मरम्मत, शौचालय सुधार, जल निकासी, परिसर सौंदर्यीकरण, खेल मैदानों का सुधार सहित अन्य आवश्यक कार्य शामिल हैं। लंबे समय से कई स्कूल भवन मरम्मत की मांग कर रहे थे, जिन पर अब कार्रवाई शुरू हो गई है।
स्कूलों के लिए स्वीकृत की गई राशि
सबसे अधिक राशि गर्ग कॉलोनी स्थित ईपीईएस शासकीय हाई स्कूल हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए स्वीकृत की गई है। यहां लगभग 11.96 लाख रुपए की लागत से कार्य होगा। इसके अलावा सदर इटारसी रोड स्थित आईटीआई कॉलेज के पास शासकीय स्कूल में 11.38 लाख रुपए, विनोबा नगर प्राथमिक स्कूल में 10.41 लाख रुपए, कोठी बाजार गांधी वार्ड स्थित एमएलबी स्कूल में 9.26 लाख रुपए तथा गांधी स्कूल प्राथमिक विद्यालय में 8.50 लाख रुपए की लागत से मरम्मत कराई जाएगी।इसी प्रकार रामनगर प्राथमिक स्कूल में 7.97 लाख रुपए, सोना हिल चक्कर रोड स्थित नवीन प्राथमिक स्कूल में 6.86 लाख रुपए, देशबंधु वार्ड हाई स्कूल में 6.42 लाख रुपए, विवेकानंद वार्ड प्राथमिक स्कूल में 5.43 लाख रुपए तथा अर्जुन नगर माध्यमिक शाला में 5.09 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। अन्य स्कूलों को भी आवश्यकता अनुसार बजट दिया गया है।
ठेकेदार को काम शुरू करने वर्क आर्डर भी जारी
नगर पालिका अधिकारियों के मुताबिक सभी कार्यों के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। ठेकेदारों को वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं और मौसम अनुकूल होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। कोशिश रहेगी कि नए शैक्षणिक सत्र में बच्चों को बेहतर और सुरक्षित भवन उपलब्ध हों। जिन स्कूलों में भवन क्षतिग्रस्त हैं, वहां प्राथमिकता से कार्य कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पत्रिका ने शहर के स्कूलों में भवनों की खराब स्थिति, जर्जर कमरों, बच्चों को हो रही परेशानी और खेल मैदानों की कमी को लेकर विशेष अभियान चलाया था। अभियान में कई स्कूलों की स्थिति प्रमुखता से उठाई गई थी। इसके बाद नगर पालिका ने स्कूलों का सर्वे कराया और मरम्मत कार्य की योजना बनाई। अब प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हाई सेकेंडरी स्कूलों में सुधार कार्य होने से हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
इनका कहना