बड़वानी जिले में हुए मोतियाबिंद ऑपरेशन हादसे के बाद जहां जिला अस्पताल की नेत्र ओटी में ऑपरेशनों पर बैन लगा दिया गया। वहीं अब ओटी को पुन: शुरू करने के लिए सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
स्वास्थ्य संचालनालय से जारी गाइडलाइन के अनुरूप ओटी का संचालन किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। ओटी में प्रवेश करने से पूर्व अब डॉक्टरों को आरओ के पानी से हाथ धोना होगा और यूनिफार्म पहनने के बाद हीऑपरेशन थियेटर के अंदर प्रवेश कर सकेंगे। दो दिन पहले भोपाल से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ओटी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे पुन: शुरू किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
भोपाल से ओटी का निरीक्षण करने आए डॉ वाजपेई और मिस्टर पुरोहित ने नेत्र ओटी सहित अस्पता की अन्य दो ओटी का निरीक्षण भी किया। इस दौरान ओटी में मौजूद व्यवस्थाओं को लेकर वे संतुष्ठ नजर आए लेकिन उनका कहना था कि इससे बेहतर किया जा सकता है। ताकि बैतूल जिला अस्पताल को प्रदेश में मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। डॉक्टरों को ओटी को ऑपरेट करने के संदर्भ में जरूरी निर्देश भी जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य संचालनालय से जारी गाइडलाइन के मुताबिक ओटी में जाने से पूर्व आरओ के पानी से हाथ धोना होगा। प्रत्येक ओटी में आरओर सिस्टम लगा रहे है। जंग लगे उपकरणों को हटाया जाए, फ्लाई क्लेचर लगाए जाए, ओटी में उपकरणों को इंडीकेटर के अनुसार क्लेबिंग किया जाना, साफ-सफाई पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।