72 साल बाद बन रहा विशेष संयोग, बीजासनी माता मंदिर में घट स्थापना के साथ प्रज्वलित होगी अखंड ज्योत। बैतूल। चैत्र नवरात्र पर्व को लेकर जिलेभर के मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। 19 मार्च से शुरू होने वाले नौ दिवसीय नवरात्र पर्व में श्रद्धालु माता रानी की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। […]
बैतूल। चैत्र नवरात्र पर्व को लेकर जिलेभर के मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। 19 मार्च से शुरू होने वाले नौ दिवसीय नवरात्र पर्व में श्रद्धालु माता रानी की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। मंदिरों में साफ-सफाई, रंगरोगन और सजावट का कार्य किया जा रहा है, वहीं मंदिर समितियां भी नवरात्र के दौरान होने वाले धार्मिक आयोजनों की तैयारियों में जुट गई हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्र का शुभारंभ होता है। इस वर्ष नवरात्र का आरंभ एक विशेष खगोलीय संयोग के साथ हो रहा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक चैत्र नवरात्र पर अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो करीब 72 वर्षों बाद देखने को मिल रहा है। इसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसके चलते श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। नवरात्र पर्व को लेकर बैतूल शहर सहित जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के बीजासनी माता मंदिर, गंज माता मंदिर, कोठी बाजार माता मंदिर, गणेश वार्ड माता मंदिर, खप्पर वाली माता मंदिर शंकर वार्ड और खेड़ापति माता मंदिर सहित आमला के रेणुका माता मंदिर और धारूल स्थित अंबा माई मंदिर में विशेष सजावट की जा रही है। नवरात्र के दौरान इन मंदिरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसे देखते हुए मंदिर समितियों द्वारा व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।
बीजासनी माता मंदिर में जलेगी अखंड ज्योत
बैतूल गंज स्थित बीजासनी माता मंदिर में भी चैत्र नवरात्र महोत्सव पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित दीपक शर्मा ने बताया कि 19 मार्च को दोपहर 12 बजे विधि-विधान के साथ माता के घट स्थापित किए जाएंगे और मंत्रोच्चार के बीच अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाएगी। उन्होंने बताया कि 26 मार्च को दोपहर 12 बजे से दुर्गा सप्तशती पाठ का हवन किया जाएगा। इसके बाद 27 मार्च को दोपहर 12 बजे माता की आरती और कन्या पूजन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन होगा। वहीं 28 मार्च को ताप्ती नदी में घट विसर्जन किया जाएगा। नवरात्र के नौ दिनों तक मंदिर में प्रतिदिन शाम 7.30 बजे महाआरती और महाप्रसाद वितरण किया जाएगा। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से कार्यक्रमों में सपरिवार शामिल होने की अपील की है। साथ ही जो श्रद्धालु अपने या परिवार के नाम से अखंड ज्योत प्रज्वलित करवाना चाहते हैं, वे मंदिर के पुजारी या समिति के सदस्यों से संपर्क कर सकते हैं।