-अचानक दबाव पडऩे से धराशाही हुआ विद्युत पोल बैतूल। शहर के लोहिया वर्तमान राजेंद्र वार्ड में शुक्रवार दोपहर उस समय हडक़ंप मच गया जब एक बिजली का पोल अचानक सडक़ पर धराशाही हो गया। घटना के समय सडक़ से कोई राहगीर या वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। […]
बैतूल। शहर के लोहिया वर्तमान राजेंद्र वार्ड में शुक्रवार दोपहर उस समय हडक़ंप मच गया जब एक बिजली का पोल अचानक सडक़ पर धराशाही हो गया। घटना के समय सडक़ से कोई राहगीर या वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी भी देखी गई।
बताया गया कि दोपहर करीब 12.30 बजे अचानक एक भारी भरकम बिजली का पोल सडक़ पर गिर गया। पोल गिरते ही तेज आवाज हुई, जिससे आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। घटना स्थल के पास कुछ दोपहिया वाहन और हाथ ठेले खड़े थे, जो इसकी चपेट में आने से बच गए। घटना की सूचना तत्काल बिजली कंपनी को दी गई। सूचना मिलते ही बिजली कंपनी के टाउन.1 के एई कमलेश खोबरागड़े अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने एहतियातन आबकारी ट्रांसफ ार्मर से पूरे क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद कर दी। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में आशंका जताई कि क्षेत्र में चल रहे भवन निर्माण कार्य के दौरान किसी भारी वाहन की टक्कर से पोल क्षतिग्रस्त हुआ होगा, जिसके कारण यह गिर गया। हालांकि मोहल्ले के रहवासियों का कहना था कि उन्होंने किसी वाहन को पोल से टकराते नहीं देखा। यदि पोल मजबूत होता तो इस तरह अचानक नहीं गिरता। एई खोबरागडे ने बताया कि उक्त पोल को पुन: वापस उसी जगह पर लगा कर बिजली सप्लाइ को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। फि लहाल घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।
सडक़ों के किनारे लगे पोल हादसे का अंदेशा
विद्युत वितरण कंपनी द्वारा शहर में कई पोल सडक़ों के किनारे ही लगा दिए गए हैं। जिसकी वजह से अक्सर हादसे की आशंका बनी रहती है। वहीं कुछ पोल तो निजी प्लाट और भूमि के सटाकर लगाए गए हैं। जिसकी वजह से लोगों को मकान आदि बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि पोल हटाने के लिए लोगों को स्वयं राशि खर्च करना पड़ती है। इसी प्रकार ट्रांसफार्मर भी सडक़ों के किनारे लगाए गए हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।पूर्व में ट्रांसफार्मरों में स्पार्किंग की वजह से आगजनी की घटनाएं तक हो चुकी हैं, लेकिन विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।