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भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारी, बैतूल में चल रहा विशेष प्रशिक्षण अभियान

-5 दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यक्रम में अधिकारी-कर्मचारियों के साथ 200 छात्र-छात्राएं भी हुए शामिल। बैतूल। जिले में आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से इन दिनों व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा होमगार्ड एवं […]

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BETUL NEWS

-5 दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यक्रम में अधिकारी-कर्मचारियों के साथ 200 छात्र-छात्राएं भी हुए शामिल।

बैतूल। जिले में आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से इन दिनों व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा के संयुक्त तत्वावधान में 25 मार्च से 29 मार्च तक सोनाघाटी कैंप में 5 दिवसीय भूकंप पूर्व तैयारी एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके साथ ही जेएच कॉलेज में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का भी आयोजन किया गया।
गुरुवार को आयोजित प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, पुलिस विभाग, होमगार्ड, एसडीआरएफ सहित अन्य विभागों के प्रतिनिधियों के साथ लगभग 200 कॉलेज छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करना है।प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को भूकंप का परिचय, उसका इतिहास और इसके प्रमुख कारणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही भूकंप के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इस बारे में भी व्यवहारिक मार्गदर्शन दिया गया। आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार (फस्र्ट एड) और सीपीआर देने की विधि भी सिखाई गई। लाइव डेमो के माध्यम से घायलों को सुरक्षित तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की तकनीक, अस्थायी स्ट्रेचर बनाने और उसके उपयोग की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण में प्लाटून कमांडर सुनीता पंद्रे, जिला चिकित्सालय बैतूल के नर्सिंग ऑफिसर हरि बाघमारे, सोनाघाटी कैंप में अतिथि विद्वान मुकेश पंडोले, जिला सलाहकार पीएचई विभाग भूपेंद्र मेनवे तथा हवलदार अनुदेशक बलिराम सरयाम ने अपने अनुभव साझा करते हुए आपदा प्रबंधन की बारीकियां समझाईं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि आपदा के समय घबराने के बजाए सही जानकारी और त्वरित निर्णय ही जान-माल की हानि को कम कर सकते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ती है, बल्कि युवाओं में भी आपदा के प्रति जागरूकता आती है।डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड बैतूल इंदल उपनारे ने बताया कि कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं उससे निपटने के लिए आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने भूकंप का परिचय, इसके प्रमुख कारण तथा भूकंप आने से पहले की तैयारी के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही भूकंप के दौरान क्या करें और क्या न करें, इस विषय पर भी छात्रों को व्यवहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में प्राथमिक उपचार (फस्र्ट एड) की जानकारी देते हुए घायल व्यक्तियों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने एवं एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के विभिन्न तरीकों का मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रदर्शन किया गया।