
PIC meeting held
बैतूल। नगरपालिका की आर्थिक स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि कर्मचारियों को वेतन का भुगतान भी महीने के अंतिम दिनों में किया जा रहा है। आमदनी अठ्न्नी और खर्च रुपया जैसी स्थिति होने के कारण पहले से स्वीकृत कई बड़े विकास कार्य बजट के अभाव में अधूरे पड़े हैं। इसके बावजूद हाल ही में आयोजित पीआईसी (प्रेसिडेंट इन काउंसिल) की बैठक में 5 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक के नए निर्माण और खर्च संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई, जिससे नगरपालिका के वित्तीय प्रबंधन और प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। गुरुवार को नगरपालिका के बाल मंदिर सभा कक्ष में आयोजित पीआईसी बैठक में एजेंडे के कुल 57 बिंदुओं पर चर्चा की गई। इन बिंदुओं में विभिन्न वार्डों के निर्माण कार्य, मरम्मत कार्य, सामग्री क्रय और पूर्व में कराए गए कार्यों के भुगतान से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे। बैठक में इन सभी प्रस्तावों को स्वीकृति दे दी गई, लेकिन आर्थिक स्थिति को देखते हुए इस निर्णय को लेकर शहर में चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
करोड़ों के निर्माण कार्यों को मंजूरी
नगरपालिका पहले से ही वित्तीय दबाव में काम कर रही है। कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं धन की कमी के कारण या तो धीमी गति से चल रही हैं या फिर अधूरी पड़ी हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि पहले से चल रहे कार्यों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन बैठक में नए कार्यों को भी मंजूरी दे दी गई। बैठक की एक खास बात यह भी रही कि 57 एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा के लिए ज्यादा समय नहीं लिया गया। बैठक निर्धारित समय से करीब दस मिनट की देरी से 3 बजकर 15 मिनट पर प्रारंभ हुई और महज 20 मिनट में सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। 5 करोड़ 38 लाख की राशि से जुड़े प्रस्तावों पर सीमित समय में निर्णय लिए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बैठक में नवागत सीएमओ नवनीत पांडे की भी उपस्थिति रही, जबकि बैठक की अध्यक्षता नगरपालिका अध्यक्ष पार्वती बाई बारस्कर ने की। पीआईसी के अन्य सदस्य भी बैठक में मौजूद रहे। चूंकि एजेंडे में लगभग सभी वार्डों से जुड़े निर्माण कार्य शामिल थे, इसलिए किसी सदस्य ने विशेष आपत्ति दर्ज नहीं कराई और सभी प्रस्ताव सहमति से पारित हो गए।
वित्तीय संकट को लेकर कोई चर्चा नहीं
एजेंडे में विभिन्न वार्डों के प्रस्ताव शामिल होने के कारण पार्षदों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य स्वीकृत होने को प्राथमिकता दी और नगरपालिका की वित्तीय स्थिति पर गंभीर चर्चा नहीं हो सकी। बैठक में न तो वित्तीय संकट से उबरने के लिए कोई ठोस रणनीति पर चर्चा हुई और न ही आय बढ़ाने के उपायों पर विशेष विचार-विमर्श किया गया। नगरपालिका की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह भी एक बड़ा सवाल है कि स्वीकृत किए गए इन कार्यों को समय पर शुरू और पूरा कैसे किया जाएगा। यदि पहले से चल रहे प्रोजेक्ट ही बजट के अभाव में अटके हैं तो नए कार्यों के लिए संसाधन जुटाना एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
पीआईसी की बैठक में नपा के दो सहायक राजस्व निरीक्षक पुष्पराव महस्की और आरती सरियाम के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा भी की गई। इन दोनों के कार्यों को अनुशासनहीनता भी माना है। इसके अलावा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-बजट, जल प्रदाय शाखा के लिए 2026-27 के लिए पोकलेन मशीन किराए से लेने, अमृत 2.0 में वूमन फार ट्री के अंतर्गत किए जाने वाले पौधरोपण में प्रोत्साहन राशि पचास रुपए दिए जाने के अलावा शहर के दो दर्जन वार्डों में सीसी वेयरिंग कोट रोड निर्माण, डामरीकरण, आरसीसी नाली निर्माण, सुलभ शौचालय, सीसी रोड बनाए जाने आदि विषयों पर भी सहमति बनी।
Updated on:
26 Mar 2026 09:14 pm
Published on:
26 Mar 2026 09:13 pm
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