
बैतूल. मध्यप्रदेश (MADHYA PRADESH) में हर तरफ कोरोना (COVID-19) का कहर बढ़ रहा है। रोजाना हजारों नए मरीज (COVID PATIENT) सामने आ रहे हैं और कई लोगों की कोरोना संक्रमण (CORONA VIRUS) के कारण मौत हो रही है। कई जगहों पर तो हालात ऐसे हैं कि श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार के लिए कतारें लगी हुई हैं लेकिन इस बीच प्रदेश में एक गांव ऐसा भी है जहां अभी तक कोरोना का संक्रमण नहीं पहुंचा है। तेजी से बढ़ रहे कोरोना के संक्रमण के बीच भी इस गांव में अभी तक कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला है। इस गांव का नाम है चिखलार गांव जो कि बैतूल (BETUL) जिले में है।
महिलाओं ने संभाला मोर्चा, गांव में बाहरी लोगों का आना प्रतिबंधित
अभी तक खुद को कोरोना संक्रमण से बचाए रखने वाले बैतूल जिले के चिखलार गांव में महिलाएं मोर्चा संभाले हुए हैं और महिलाओं के ही प्रयास के कारण ये गांव अब तक कोरोना के संक्रमण से अछूता है। गांव में अभी तक कोई कोरोना संक्रमित हुआ है, आगे भी गांव कोरोना के संक्रमण से बचा रहे इसके लिए गांव की महिलाएं गांव की रखवाली में जुटी रहती हैं। गांव में प्रवेश करने वाले सभी रास्तों पर महिलाओं ने खुद ही बांस के बैरिकेड लगा दिए हैं जिन पर बाहरी लोगों फिर चाहे वो अतिथि मेहमान ही क्यों न हो किसी को भी गांव में आने की अनुमति न होने की बात लिखी हुई है। इतना ही नहीं महिलाएं बारी-बारी से रास्तों पर पहरा देती हैं और बिना वजह आने जाने वाले लोगो न केवल टोकती हैं बल्कि कई बार तो उन पर डंडे भी बरसाती हैं।
कभी कच्ची शराब के लिए बदनाम था गांव
बता दें कि जिस चिखलार गांव की महिलाएं आज गांव को कोरोना संक्रमण से अभी तक बचाए हुए हैं वो कभी कच्ची शराब के लिए बदनाम था। पहले इस गांव में बड़ी मात्रा में कच्ची शराब बनाई जाती थी। लेकिन प्रशासन के लगातार प्रयासों के बाद गांव की तस्वीर बदली और अब कच्ची शराब के लिए बदनाम रहने वाला ये गांव अपनी अच्छाई के लिए चर्चा में बना हुआ है।
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