बीड़ी के गुल से पेट्रोल पंप में लगी आग, दहशत फैली
घोड़ाडोंगरी. नगर के सपड़ा पेट्रोप पंप में शुक्रवार दोपहर एक वाहन चालक द्वारा फेंकी गई जलती बीड़ी से पंप में आग लग गई। लेकिन वहां से गुजर रहे एक युवक की हिम्मत और सूझबूझ की वजह से बड़ा हादसा टल गया। बस्ती के बीच में स्थित पंप पर जब आग धधक रही थी पंप के एक भी कर्मचारी से अग्निशमन यंत्र चालू नहीं हुआ। तब वहां पहुंचे युवक न केवल अग्रिशमन यंत्र चालू किया बल्कि लपटों के पास पहुंचकर आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक पूरी बस्ती में दहशत फैल गई थी। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो पंप और टैंकर के साथ आसपास के कई घर भी धमाके के साथ उड़ जाते। हादसे में टैंकर क्लीनर के दोनों पैर बुरी तरह झुलस गए हैं। दरअसल दोपहर में पंप पर पेट्रोल टैंक में टैंकर खाली किया जा रहा था। लेकिन सेम्पल लेने के दौरान ही अचानक पाइप में आग लग गई। इससे टैंकर चालक-क्लीनर के साथ वहां मौजूद कर्मचारियों के हाथ-पैर फूल गए। वे आग पर मिट्टी डालने लगे। इस दौरान कुछ कर्मचारियों ने वहां मौजूद अग्रिशमन यंत्र को चालू करने का प्रयास किया लेकिन उनसे वह चालू ही नहीं हुआ। जिससे हड़कंप मच गया। आग भड़कते हुए टैंकर और पंप के टैंक की ओर बड़ रही थी। इसी बीच वहां से गुजर रहे गोविंद अग्रवाल मसीहा बनकर आ गए। उन्होंने तुरंत कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्र छीना और उसे चालू कर आग बुझाने में जुट गए। उनके साथ कर्मचारी भी मदद करने लगे। इसी कोशिश में क्लीनर के दोनों पैर बुरी तरह झुलस गए। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पाइप में लगी आग पर जैसे ही काबू पाया गया, सबसे पहले ड्राइवर मोइन खान टैंकर स्टार्ट कर उसे दूर लेकर भागा। उसे काफी दूर ले जाकर खड़ा किया। क्योंकि इससे पहले आग पाइप से फैलती हुई टैंकर की ओर ही बढ़ रही थी।
ग्राहक पी रहा था पंप पर बीड़ी
ट्रक ड्रायवर महक खान ने बताया कि पेट्रोप पंप पर डीजल टैंक में खाली करने के दौरान पास में ही एक दोपहिया वाहन चालक बीड़ी पी रहा था। बीड़ी का फेका गया गुल अचानक डीजल के संपर्क में आ गया। जिससे पंप पर आग भड़क गई। हादसे के कुछ ही देर में पेट्रोल पंप पर काले धुएं का गुबार छा गया थे। आग डीजल टैंक में खाली करते समय पाइप में लगी थी आग पर कैसे काबू पाए समझ नहीं आ रहा था। आग तेजी से बढ़ते जा रही थी। हम सब मिलकर मिट्टी सहित अग्निशामक यंत्र के माध्यम से आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे जैसे ही आग कम हुई मैंने तुरंत ही टैंकर को पेट्रोल पंप से दूर ले जाकर खडा किया। थोड़ी देर के लिए तो सभी के होश उड़ गए थे।
सांसे थम गई थी, कुछ देर
पंप कर्मचारियों ने बताया कि आग लगते ही जब अग्रिशमन यंत्र चालू नहीं हुआ तो उनकी कुछ देर के लिए सांस थम गई थी। इन कर्मचारियों को यह यंत्र चालू करने का पहले प्रशिक्षण ही नहीं दिया गया था। धुआं उठता देख बस्ती के लोग भी बड़ी संख्या में पंप के समीप जमा हो गए थे। सड़क के उस तरफ खड़े होकर लोग तमाशा देख रहे थे लेकिन किसी की भी हिम्मत नहीं पड़ी की वह आग बुझाने में मदद करने पहुंच जाता।
&जिस समय पंप पर डीजल टैंक में खाली कराया जा रहा था। उस दौरान एक वाहन चालक द्वारा बीड़ी पीने के कारण उसका फेका गया गुल डीजल के संपर्क में आने से आग लग गई।
सुमित सपरा, संचालक पेट्रोप पंप