बेतुल

सरकारी नाले की जमीन पर काटे गए प्लॉट, निर्माण पर तहसीलदार ने लगाई रोक

-पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया, भूखंड विक्रेता से मांगे गए दस्तावेज, मौके पर नहीं दिखाए। बैतूल। शहर के विवेकानंद वार्ड में प्रागा होम्स कॉलोनी के पास सरकारी रास्ते और नाले की जमीन पर प्लॉट काटकर बेचने के मामले में शुक्रवार को प्रशासन की टीम जांच के लिए मौके पर […]

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-पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया, भूखंड विक्रेता से मांगे गए दस्तावेज, मौके पर नहीं दिखाए।

बैतूल। शहर के विवेकानंद वार्ड में प्रागा होम्स कॉलोनी के पास सरकारी रास्ते और नाले की जमीन पर प्लॉट काटकर बेचने के मामले में शुक्रवार को प्रशासन की टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची। तहसीलदार पूनम साहू के नेतृत्व में राजस्व अमले ने स्थल का निरीक्षण किया, जिसमें प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संबंधित जमीन राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी नाले के रूप में दर्ज है। मौके पर दो स्थानों पर भवन निर्माण की तैयारी भी पाई गई, जिस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। दरअसल, इस मामले में 6 मार्च को पत्रिका में प्रकाशित खबर सरकारी रास्ता ही बेचा…के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया था। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर एसडीएम अभिजीत सिंह ने तहसीलदार को राजस्व टीम के साथ मौके पर भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए। जांच के दौरान आरआई और पटवारियों ने राजस्व नक्शे और रिकॉर्ड का मिलान किया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि जिस स्थान पर प्लॉट काटकर बेचे गए हैं, वह सरकारी नाले की जमीन है।
भूखंड विक्रेता से मांगे गए दस्तावेज, नहीं कर पाए प्रस्तुत
जांच के दौरान भूखंड विक्रेता अमित थारवानी को भी मौके पर बुलाया गया। उन्होंने दावा किया कि जमीन उनकी निजी संपत्ति है और पूर्व में उसका सीमांकन भी कराया गया है। हालांकि जब राजस्व अधिकारियों ने सीमांकन रिपोर्ट और जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा तो वह कोई भी दस्तावेज मौके पर नहीं दिखा सके। इस पर तहसीलदार ने उन्हें तहसील न्यायालय से नोटिस जारी होने के बाद निर्धारित समय-सीमा में सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
नाले के अंदर ही काटे गए प्लॉट
राजस्व अमले द्वारा मौके पर की गई नपाई में यह भी सामने आया कि नाले की जमीन के अंदर ही भूखंड काटकर बेचे गए हैं। इतना ही नहीं, दो भूमि स्वामियों ने मकान निर्माण के लिए नींव भी खोद दी थी। स्थिति को देखते हुए तहसीलदार ने तत्काल निर्माण कार्य रुकवाने के आदेश जारी किए।
दूसरे खसरा नंबर की रजिस्ट्री, कब्जा नाले की जमीन पर
प्राथमिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि भूखंड विक्रेता ने किसी अन्य जमीन के खसरा नंबर पर रजिस्ट्री कराकर खरीदारों को कब्जा सरकारी नाले की जमीन का दिला दिया। इस तरह के मामलों में पहले भी सरकारी जमीन बेचने या एक ही जमीन को कई लोगों को बेचने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस पूरे प्रकरण से प्लॉट खरीदने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि महंगे दामों में खरीदी गई जमीन अब कानूनी विवाद में फंसती नजर आ रही है।
इनका कहना
-एसडीएम के निर्देश पर विवेकानंद वार्ड में जांच के लिए पहुंचे थे। राजस्व रिकॉर्ड में जमीन सरकारी नाले के रूप में दर्ज है। मौके पर निर्माण कार्य पाया गया, जिसे तत्काल रुकवाया गया है। भूखंड विके्रता से दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन उन्होंने प्रस्तुत नहीं किए। अब नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • पूनम साहू, तहसीलदार, बैतूल शहर।
Published on:
06 Mar 2026 09:25 pm
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