mp news: मध्य प्रदेश के रानीपुर गांव में बना पुलिस म्यूजियम 130 साल पुराने थाने की वीरगाथा समेटे है, जहां 1942 में आदिवासियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ चौकी को जला दिया था।
mp news:बैतूल के घोड़ाडोंगरी तहसील में स्थित रानीपुर गांव में मध्यप्रदेश का एकमात्र पुलिस-केंद्रित यूजियम है। इसके पीछे छिपा 130 साल पुराना इतिहास गर्व और वीरता की गाथा सुनाता है। यह यूजियम जिस भवन में बना है, वह 1895 में शाहपुर थाने के अंतर्गत रानीपुर चौकी के रूप में स्थापित हुआ था। यहां दर्ज पहली एफआईआर वर्ष 1900 में महज एक रुपए की चोरी की थी। रानीपुर का पुलिस यूजियम न केवल पुलिस इतिहास का संग्रहालय है, बल्कि यह आजादी की लड़ाई में आदिवासियों के साहस और बलिदान का प्रतीक भी है। (ranipur police museum)
ब्रिटिश शासन के खिलाफ में आंदोलन का बिगुल महेंद्रवाडी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने फूंका था। क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का प्रतिनिधित्व करने का काम वीर विष्णु सिंह गोड ने किया था। आजादी के आंदोलन में 22 अगस्त 1942 को महेंद्रवाड़ी गांव के वीर विष्णु सिंह गोंड के नेतृत्व में 300 से अधिक आदिवासियों ने इस चौकी पर धावा बोला था। कुल्हाड़ियों से हमला कर चौकी के पिछले हिस्से को आग के हवाले कर दिया गया था। ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन में महेंद्रवाड़ी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमिका अहम रही।
वीर विष्णु सिंह गोंड के द्वारा रानीपुर चौकी पर हमला किया गया था जिसका प्रमाण वह लोहे की कुल्हाड़ी है जिसे यूजियम में आज भी सुरक्षित रखा गया है, जिससे 33 वर्ष पहले अंग्रेजों पर वार किया गया था। लाल बिल्डिंग की दीवारों पर अब भी हमले के निशान मौजूद हैं, जो उस दौर के संघर्ष और जज्बे की गवाही देते हैं। यहां ब्रिटिश शासनकाल में इस्तेमाल हुए हथियार, ताले, और चौकी की सामग्री सुरक्षित और चमकती हालत में प्रदर्शित हैं।