बैतूल। गौठाना क्षेत्र में स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड को हटाने की मांग को लेकर स्थानीय रहवासियों के लगातार विरोध के बाद आखिरकार जिला प्रशासन हरकत में आया है। विरोध प्रदर्शनों के दबाव के बाद अब ट्रेंचिंग ग्राउंड को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बुधवार को नगरपालिका सीएमओ और एसडीएम […]
बैतूल। गौठाना क्षेत्र में स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड को हटाने की मांग को लेकर स्थानीय रहवासियों के लगातार विरोध के बाद आखिरकार जिला प्रशासन हरकत में आया है। विरोध प्रदर्शनों के दबाव के बाद अब ट्रेंचिंग ग्राउंड को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बुधवार को नगरपालिका सीएमओ और एसडीएम ने संभावित स्थानों का संयुक्त निरीक्षण कर नई जमीन की तलाश शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा तीन से चार स्थानों का निरीक्षण किए जाने के बाद क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से कचरे की समस्या से जूझ रहे गौठाना क्षेत्र को जल्द राहत मिल सकती है। हालांकि अभी तक किसी भी स्थान को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक बैतूल-ओबेदुल्लागंज फोरलेन स्थित ग्राम उड़दन के पास एक जमीन का निरीक्षण किया गया, लेकिन वहां भूमि मद परिवर्तन की तकनीकी अड़चन सामने आ रही है। इसके चलते प्रशासन अन्य विकल्पों की भी तलाश कर रहा है। बताया जा रहा है कि तीन-चार स्थानों में से जो जमीन सभी मापदंडों पर खरी उतरेगी, उसी का चयन किया जाएगा। नगरपालिका को ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए लगभग 10 एकड़ से अधिक भूमि की जरूरत बताई जा रही है। वर्तमान में गौठाना क्षेत्र में करीब 9 एकड़ भूमि पर कचरा डंप किया जा रहा है, जो भविष्य की जरूरतों के हिसाब से अपर्याप्त मानी जा रही है। यही कारण है कि प्रशासन ऐसी जमीन की तलाश में है जो शहर से बहुत दूर भी न हो और पर्यावरणीय दृष्टि से भी उपयुक्त हो। निरीक्षण के दौरान एसडीएम अभिजीत सिंह पटवारियों को भी साथ लेकर पहुंचे, ताकि जमीन की वास्तविक स्थिति और उपलब्धता का सही आंकलन किया जा सके। वहीं नगरपालिका सीएमओ नवनीत पांडे ने बताया कि अभी जमीन का अंतिम चयन नहीं हुआ है और पूरी जांच के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि हमारा प्रयास यही है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड का स्थानांतरण सुनियोजित तरीके से किया जाए, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी मजबूत हो और किसी क्षेत्र में अनावश्यक समस्या भी उत्पन्न न हो। इस पहल को शहर की स्वच्छता और बेहतर शहरी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गौठाना का प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर से मिला था
शहर से लगे गौठाना क्षेत्र में वर्षों से संचालित ट्रेंचिंग ग्राउंड की समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है। बदबू, वायु प्रदूषण और संभावित जल प्रदूषण से परेशान गौठाना के हजारों रहवासी लगातार इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड हटाने के लिए वे वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। गत दिवस गौठाना का प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी से मिला और उन्हें पुन: ज्ञापन सौंपा गया। करीब 25 दिन पहले गौठाना के नागरिकों ने इस समस्या को लेकर सांकेतिक आंदोलन किया था। आंदोलन के दौरान प्रशासन की ओर से 15 दिन के भीतर ट्रेंचिंग ग्राउंड को उस स्थान पर स्थानांतरित करने का आश्वासन दिया गया था, जहां इसके लिए पहले से अलॉटमेंट किया जा चुका है। नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा यह आश्वासन लिखित रूप में दिया गया था। क्षेत्रवासियों का कहना है कि 20 से 25 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। पुराने कचरे को हटाने की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है, जबकि नया कचरा लगातार ट्रेंचिंग ग्राउंड में डाला जा रहा है। लोगों का कहना है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड से उठने वाली बदबू और वायु प्रदूषण से आसपास रहने वाले 5000 से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं।