यूथ कांग्रेस द्वारा बेरोजगारी व व्यापम में हुए भ्रष्टाचार की जांच व सेना की भर्ती निकालने की मांग को लेकर रैली निकालकर कलेक्ट्ररेट पहुंचे जहां राज्यपाल के नाम से डिप्टी कलेक्टर राजनंदनी शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
बैतूल। यूथ कांग्रेस द्वारा बेरोजगारी व व्यापम में हुए भ्रष्टाचार की जांच व सेना की भर्ती निकालने की मांग को लेकर रैली निकालकर कलेक्ट्ररेट पहुंचे जहां राज्यपाल के नाम से डिप्टी कलेक्टर राजनंदनी शर्मा को ज्ञापन सौंपा। इस संबंध में संगठन के जिला अध्यक्ष गौरव खातरकर ने बताया कि मप्र में भाजपा की सरकार में हुए व्यापम घोटाना पार्ट -1 में प्रदेश के ना जाने कितने शिक्षा शिक्षित बेरोजगार युवाओं का भविष्य अंधकार में समा गया है। कितने ही नव जवानों ने पूर्व की इस त्राशदी को झेला है और ना जाने कितने ही युवाओं द्वारा अवसाद के चलते आत्महत्या तक कर ली है। मप्र का युवा पिछले व्यापम घोटाले को भुला ही नहीं था कि फिर एक बार पुन: व्यापम 2.0 (पीईबी)घोटाला उजागर हुआ है। उन्होने आरोप लगाया कि व्यापम घोटाला 2.0 की स्क्रिप्ट भी मप्र सरकार ने लिखी है। जिसकी बुनियाद सरकार के केबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के कॉलेज से हुआ है। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इशारे पर उनके ओएसडी लक्ष्मण मरकाम के मोबाइल सह ही प्रदेश में शिक्षक वर्ग -3 परीक्षा प्रारंभ होने के पहले ही पेपर और आंसर शीट वायरल कर दिए जाते हैं। परीक्षा में बैढने वाले 13 लाख युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया जाता है। जिला उपाध्यक्ष विवेक मालवीय ने बताया कि कृषि विस्तार अधिकारी की परीक्षा में जिन टॉप 10 उम्मीदवारों के नाम घोषित हुए हैं वह एक ही जाति, क्षेत्र व कॉलेज के है। इन सबकी गलतियां भी एक समान ही हैं। यह सभी घोषित उम्मीदवारों की तस्वीरें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विवि (वीडी) शर्मा के साथ देखी जा सकती है। तितिक्षा सोनारे एवं एनएसयूआई कार्यकारी अध्यक्ष अभिषेक पंवार ने आरोप लगाया कि पुलिस आरक्षक की भर्ती में भी बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा हुआ है। पहले प्रतिभागियों को योग्य घोषित कर दिया गया। बाद में उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाता है। विशाल बारवे एवं अंकित ताम्रकार ने कहा कि हमारी मांग है कि शीघ्र ही युवाओं के हित में शीघ्र कार्यवाही करें अन्यथा यूथ कांग्रेस पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इस अवसर पर रामनाथ यादव, राहुल कास्दे, अजय पोटे, शिवम आर्य, करण बोरखड़े, अमन मालवीय, शुभम यादव, कुनाल पिपरदे, बादल हरसुले,विनोद परते, अजय इवने, अनिल कास्दे, इन्द्रदेव उइके आदि संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।