- हनुमान जी के दरबार में भक्तों की अनोखी अर्जी- सूखे से उबरने के लिए प्रतिमा को किया जलमग्न- पानी वाले हनुमान जी से मशहूर हैं प्राचीन मंदिर- 25 दिनों से नहीं हुई जिले में बारिश
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी को संकट मोचन कहा जाता है। हनुमान जी की आराधना करके भक्त खुद पर आए संकटों से मुक्ति पा सकता है। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए भक्त आमतौर पर उन्हें भोग चढ़ाते हैं, साथ ही हवन पूजन पाठ और जाप भी करते हैं। लेकिन, क्या आपने अबतक सुना या देखा है कि, अपने संकटों से मुक्ति पाने के लिए कोई भक्त संकट मोचन को ही जलमग्न कर दे ? आपको सुनकर हैरानी होगी, लेकिन मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में इस बार भक्तों ने बारिश के दिनों में सूखे के संकट से निपटने के लिए संकट मोचन हनुमान जी की प्रतिमा को ही जलमग्न कर दिया है।
हनुमान जी की ऐसी अनोखी आराधना देखने को मिली जिले के अंतर्गत आने वाले भैंसदेही ब्लाक मुख्यालय में, जहां बीते 25 दिनों से बारिश न होने के कारण जल संकट गहराया हुआ है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की तरह यहां के किसानों की फसलें भी सूखने लगी हैं। इसी संकट से मुक्ति दिलवाने और क्षेत्र में बारिश की कामना को लेकर स्थानीय लोगों ने संकट मोचन हनुमान जी की प्रतिमा को जलमग्न कर दिया। लोगों का मानना है कि, हनुमान जी को जल मग्न करने से जल संकट की समस्या को संकट मोचन दूर कर देंगे। इसलिए उन्होंने संकट मोचन के ऊपर इतना जल चढ़ाया की पूरी प्रतिमा ही जलमग्न हो गई।
हनुमान जी का अनोखा जलाभिषेक
स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां हनुमान जी का बहुत प्राचीन मंदिर है। इन्हें पानी वाले हनुमान जी के नाम से पूरे क्षेत्र में पहचाना जाता है। मंदिर के विषय में कहा जाता है कि, जो भक्त यहां हनुमान जी की शरण में आता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। इसी को देखते हुए स्थानीय किसानों ने तय किया कि, उनका अभिषेक पानी से किया जाए। क्योंकि बारिश न होने के कारण क्षेत्र के किसान परेशान हैं। उनकी फसलें सूखने की कगार पर हैं। यही कारण है कि, यहां के कसानों ने जलाभिषेक कर संकट मोचन को जलमग्न किया है। ग्रामीणों का मानना है कि, इस तरह का अनोखा अभिषेक करने से हनुमान जी उनकी जरूर सुनेंगे और उनपर मंडरा रहे संकट को हर लेंगे।