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Odisha News: पत्नी-बच्चों का गुजारा भत्ता रोका तो सरकार करेगी कार्रवाई, सरकारी कर्मचारी की सैलरी से कटेंगे रुपए

Odisha Government: ओडिशा सरकार ने कोर्ट के आदेश के बावजूद पत्नी या बच्चों को गुजारा भत्ता नहीं देने वाले सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से राशि काटने का फैसला किया है।
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Aug 30, 2026
Odisha News
प्रतीकात्मक तस्वीर

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने उन सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है, जो अदालत के आदेश के बावजूद अपनी पत्नी या बच्चों को गुजारा भत्ता नहीं दे रहे हैं। अब ऐसे कर्मचारियों के वेतन से तय राशि सीधे काटकर पत्नी या बच्चों के बैंक खाते में जमा कराई जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस संबंध में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से रविवार को जारी बयान के अनुसार राज्य स्तरीय शिकायत सुनवाई के दौरान लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं, जिनमें महिलाएं और बच्चे सरकारी कर्मचारियों से गुजारा भत्ता या तलाक के मामलों में तय गुजारा राशि नहीं मिलने की शिकायत कर रहे थे।

कई शिकायतें सामने आईं

हर सुनवाई में दो से तीन ऐसी शिकायतें सामने आने की बात कही गई है। सरकार के अनुसार कई मामलों में अदालतें पत्नी या बच्चों के भरण-पोषण के लिए राशि देने का स्पष्ट आदेश जारी कर चुकी थीं, लेकिन संबंधित सरकारी कर्मचारी इन आदेशों का पालन नहीं कर रहे थे। तलाक से जुड़े मामलों में अदालत की ओर से तय गुजारा राशि नहीं देने की शिकायतें भी सामने आईं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अब ऐसी राशि की वसूली वेतन से सीधे करने का फैसला किया है।

'अदालत के आदेशों का समय पर पालन हो'

नई व्यवस्था के तहत अदालत की ओर से भरण-पोषण के भुगतान का आदेश मिलते ही संबंधित विभाग के आहरण एवं संवितरण अधिकारी को कार्रवाई करनी होगी। कर्मचारी का मासिक वेतन बिल तैयार करते समय अदालत के आदेश में तय राशि उसके वेतन से काट ली जाएगी। इसके बाद यह राशि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संबंधित पत्नी या बच्चों के बैंक खाते में जमा कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार में कर्मचारी के पद पर रहते हुए अदालत के आदेश की अनदेखी करना और पत्नी तथा बच्चों को उनके अधिकार की राशि से वंचित रखना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि अदालत के आदेशों का समय पर पालन हो और पीड़ित महिलाओं तथा बच्चों को गुजारा भत्ता पाने के लिए बार-बार शिकायत नहीं करनी पड़े।

अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जारी नई व्यवस्था में विभागीय आहरण एवं संवितरण अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अदालत के आदेश की जानकारी मिलने के बाद वेतन भुगतान की प्रक्रिया में ही तय राशि की कटौती की जाएगी। इससे कर्मचारी के वेतन से राशि काटने और उसे संबंधित लाभार्थी तक पहुंचाने की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और नियमित हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अदालत के निर्देश पर होने वाले भरण-पोषण संबंधी मामलों को मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली से जोड़ने के निर्देश भी दिए हैं।

रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी

सरकार का मानना है कि इससे ऐसे मामलों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी। साथ ही, वेतन से कटौती और संबंधित खाते में राशि जमा करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और स्वचालित बनाया जा सकेगा। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य अदालत के आदेशों का समय पर पालन सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही उन महिलाओं और बच्चों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अदालत से आदेश मिलने के बाद भी गुजारा भत्ता पाने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा था।

Updated on:
30 Aug 2026 03:09 pm
Published on:
30 Aug 2026 03:01 pm