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Iceland EU referendum: यूरोपीय संघ में शामिल नहीं होगा आइसलैंड, 52.5% जनता ने सदस्यता वार्ता के खिलाफ दिया वोट

Iceland rejects EU accession talks: आइसलैंड के वोटरों ने यूरोपीय संघ में शामिल होने के लिए सदस्यता की बातचीत फिर से शुरू करने के सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। देश की संप्रभुता और मछली पकड़ने के अहम इलाकों की सुरक्षा मुख्य मुद्दे थे।
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भारत

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Anand Shekhar

Aug 30, 2026

Iceland EU referendum, Iceland rejects EU accession talks

आइसलैंड ने EU सदस्यता वार्ता ठुकराई (फोटो- X@TribunePop23 )

Iceland EU referendum: आइसलैंड के लोगों ने यूरोपीय संघ (EU) के साथ सदस्यता के लिए बातचीत फिर से शुरू करने के सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। सरकारी प्रसारक RUV के अनुसार, वोटों की गिनती में 52.5 प्रतिशत लोगों ने 'नहीं' और 47.5 प्रतिशत लोगों ने 'हां' में वोट दिया। इसे एक स्पष्ट जनादेश बताते हुए RUV ने रिपोर्ट किया कि देश ने EU सदस्यता की बातचीत शुरू करने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। इस फैसले ने आइसलैंड के यूरोपीय संघ में शामिल होने से जुड़ी सभी अटकलों और चर्चाओं पर विराम लगा दिया है।

आइसलैंड की सरकार ने EU सदस्यता के लिए बातचीत फिर से शुरू करने के प्रस्ताव को 'अभी नहीं तो कभी नहीं' वाला मौका बताया था। अगस्त में प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रोस्टाडॉटिर ने मतदाताओं से कहा था कि अगर जनता प्रस्ताव पर 'नहीं' में वोट देती है, तो EU सदस्यता को लेकर चल रही अटकलें खत्म हो जाएंगी। वोटिंग के बाद, फ्रोस्टाडॉटिर ने कहा था कि यह एक महत्वपूर्ण दिन था, क्योंकि लोगों को आखिरकार लंबे समय बाद इस मुद्दे पर अपनी राय रखने का मौका मिला। उन्होंने यह भी कहा था कि नतीजे चाहे जो भी हों, उनकी सरकार अपना काम जारी रखेगी।

EU समर्थकों ने दिए थे आर्थिक और सुरक्षा संबंधी तर्क

EU में शामिल होने के समर्थकों का तर्क था कि सदस्यता से देश की ऊंची ब्याज दरों को कम करने में मदद मिल सकती है। EU में शामिल होने के पक्ष में लोगों का तर्क था कि सदस्यता से देश की ऊंची ब्याज दरों को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, उनका कहना था कि EU में शामिल होने से यूक्रेन युद्ध, भू-राजनीतिक उथल-पुथल और आर्कटिक क्षेत्र को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा मिलेगी।

संप्रभुता और मछली पकड़ने के अधिकार बने प्रमुख मुद्दे

वहीं, EU की सदस्यता का विरोध करने वालों ने जनमत संग्रह अभियान के दौरान देश की संप्रभुता और मछली पकड़ने वाले जलक्षेत्र को मुख्य मुद्दों के तौर पर उठाया। उनका तर्क था कि EU में शामिल होने से समुद्री संसाधनों और मछली पकड़ने के अधिकारों पर आइसलैंड का नियंत्रण खतरे में पड़ सकता है, जो आइसलैंड की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है।

2009 में पहली बार EU सदस्यता के लिए किया था आवेदन

आइसलैंड ने आर्थिक संकट के दौर में 2009 में यूरोपीय संघ की सदस्यता के लिए पहली बार आवेदन किया था। हालांकि, 2013 में EU विरोधी सरकार के सत्ता में आने के बाद सदस्यता से जुड़ी बातचीत रोक दी गई थी। तब से, आइसलैंड की राजनीति में EU की सदस्यता का मुद्दा समय-समय पर उठता रहा है।