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NASA Roman Telescope Launch: ब्रह्मांड के बड़े रहस्यों को खंगालेगा नासा का नया टेलीस्कोप, आज होगा लॉन्च

NASA Roman Telescope Launch India Time: नासा का नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप आज फॉल्कन हेवी रॉकेट से लॉन्च होगा। भारतीय समयानुसार शाम 4:56 बजे यह लॉन्च किया जाएगा। जानें यह टेलीस्कोप डार्क एनर्जी, एक्सोप्लैनेट और ब्रह्मांड के रहस्यों का कैसे पता लगाएगा।
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Nancy Grace Roman Space Telescope.

नासा का नया नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप लॉन्च को तैयार। (Photo- X/@NASA)

Nancy Grace Roman Space Telescope: अंतरिक्ष की दुनिया में नासा एक बड़ी शुरुआत करने जा रहा है। नासा का नया नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप आज रविवार को स्पेसएक्स के फॉल्कन हेवी रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसे अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से भारतीय समयानुसार शाम 4:56 बजे लॉन्च किया जाना है। इस टेलीस्कोप का काम सिर्फ दूर की आकाशगंगाओं को देखना नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक इसके जरिए यह समझने की कोशिश करेंगे कि ब्रह्मांड लगातार तेजी से क्यों फैल रहा है। दूसरे तारों के आसपास किस तरह के ग्रह मौजूद हैं और अंतरिक्ष में होने वाली कई दूसरी घटनाएं कैसे काम करती हैं।

आखिर क्या पता लगाएगा यह टेलीस्कोप?

रोमन टेलीस्कोप का सबसे बड़ा लक्ष्य डार्क एनर्जी को समझना है। आसान भाषा में कहें तो डार्क एनर्जी एक ऐसी रहस्यमय ताकत है, जिसे वैज्ञानिक ब्रह्मांड के तेजी से फैलने से जोड़ते हैं। इसके बारे में अभी भी कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं।

इसके अलावा यह टेलीस्कोप एक्सोप्लैनेट की भी तलाश करेगा। एक्सोप्लैनेट ऐसे ग्रह होते हैं जो हमारे सौर मंडल के बाहर किसी दूसरे तारे के चक्कर लगाते हैं। यानी वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश करेंगे कि हमारी पृथ्वी और सौर मंडल के अलावा अंतरिक्ष में और किस तरह की दुनिया मौजूद है।

हबल से 100 गुना ज्यादा क्षेत्र देख सकेगा

रोमन टेलीस्कोप की एक खासियत यह है कि यह एक बार में आसमान के बहुत बड़े हिस्से को देख सकेगा। नासा के मुताबिक इसका देखने का क्षेत्र हबल स्पेस टेलीस्कोप से कम से कम 100 गुना बड़ा होगा। इसका मतलब है कि वैज्ञानिक कम समय में अंतरिक्ष के कहीं ज्यादा बड़े हिस्से का अध्ययन कर पाएंगे। नासा का अनुमान है कि अपने पूरे मिशन के दौरान रोमन टेलीस्कोप करीब एक अरब आकाशगंगाओं से आने वाली रोशनी को माप सकता है।

कहां काम करेगा रोमन टेलीस्कोप?

लॉन्च के बाद रोमन को पृथ्वी से करीब 10 लाख मील दूर L2 नाम की जगह पर तैनात किया जाएगा। यह अंतरिक्ष में ऐसी स्थिति है, जहां टेलीस्कोप को लगातार अंतरिक्ष का अध्ययन करने में मदद मिलेगी। इसी क्षेत्र में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप भी काम कर रहा है। लॉन्च के करीब 8 मिनट बाद फॉल्कन हेवी रॉकेट के दोनों साइड बूस्टर वापस धरती पर लौटेंगे। इनके वापस आने पर तेज आवाज सुनाई दे सकती है।

हालांकि लॉन्च से पहले मौसम को लेकर पूरी तरह राहत नहीं है। अमेरिकी स्पेस फोर्स के मौसम अधिकारियों ने लॉन्च के लिए अनुकूल मौसम की 50 प्रतिशत संभावना जताई है। बादलों की स्थिति को मुख्य चिंता बताया गया है। नासा के अनुसार, यह मिशन अंतरिक्ष को समझने के वैज्ञानिकों के तरीके को बदल सकता है और ब्रह्मांड से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब खोजने में मदद कर सकता है।