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नासा की नई अंतरिक्ष आंख : नया पॉवरफुल रोमन टेलीस्कोप खोलेगा ब्रह्मांड के अनदेखे राज़

NASA Roman Telescope: क्या आप जानते हैं कि ब्रह्मांड के विस्तार, दूर मौजूद ग्रहों और अंतरिक्ष के अनसुलझे रहस्यों को समझने के लिए नासा एक नई शक्तिशाली अंतरिक्ष वेधशाला लॉन्च करने जा रहा है? नासा के रिसर्च वैज्ञानिकों, रिसर्च टीम और अंतरिक्ष संस्था की यह नई कोशिश ब्रह्मांड को देखने का एक नया नजरिया दे सकती है। नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप अब प्रक्षेपण के लिए पूरी तरह तैयार है। इसे स्पेसएक्स के फाल्कन हेवी रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
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MI Zahir

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एम आई ज़ाहिर

Aug 24, 2026

NASA Roman Telescope

स्पेसएक्स फाल्कन हेवी रॉकेट से लॉन्च होने वाला नासा का रोमन स्पेस टेलीस्कोप ब्रह्मांड और दूरस्थ ग्रहों की नई जानकारी जुटाएगा। ( फोटो: AI. )

नासा के नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप ने अंतरिक्ष के सफर से पहले एक महत्वपूर्ण चरण पूरा कर लिया है। नासा की रोमन टेलीस्कोप मिशन टीम और स्पेसएक्स के विशेषज्ञों ने फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर में उड़ान तत्परता समीक्षा पूरी की। इस दौरान वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने अंतरिक्ष यान, रॉकेट, लॉन्च सिस्टम और मिशन से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की। समीक्षा के बाद टीम ने पुष्टि की कि टेलीस्कोप प्रक्षेपण के लिए तैयार है। मिशन प्रबंधकों ने रोमन टेलीस्कोप को अंतिम लॉन्च तैयारियों के लिए आधिकारिक मंजूरी दे दी है।

फाल्कन हेवी रॉकेट से 30 अगस्त को होगा प्रक्षेपण

नासा और स्पेसएक्स की योजना है कि रोमन स्पेस टेलीस्कोप को 30 अगस्त को सुबह 7 बजकर 26 मिनट (पूर्वी समय) से पहले लॉन्च किया जाए। इसे फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर स्थित लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39ए से स्पेसएक्स के फाल्कन हेवी रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। फाल्कन हेवी दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेटों में शामिल है। इसमें तीन रॉकेट बूस्टर जुड़े होते हैं, जो भारी अंतरिक्ष यानों को पृथ्वी की कक्षा से आगे पहुंचाने के लिए जरूरी ताकत प्रदान करते हैं।

लॉन्च से पहले अंतिम तैयारियां जारी

रोमन स्पेस टेलीस्कोप को फिलहाल फाल्कन हेवी रॉकेट के सुरक्षात्मक आवरण के अंदर सुरक्षित रखा गया है। यह आवरण लॉन्च के दौरान टेलीस्कोप को तेज हवा, दबाव और वायुमंडलीय प्रभावों से बचाएगा। आने वाले दिनों में तकनीशियन इस टेलीस्कोप को रॉकेट से जोड़ेंगे। इसके बाद पूरा सिस्टम लॉन्च पैड तक पहुंचाया जाएगा, जहां प्रक्षेपण से पहले अंतिम जांच की जाएगी। वैज्ञानिकों के अनुसार, अंतरिक्ष में भेजे जाने के बाद रोमन टेलीस्कोप ब्रह्मांड की अब तक की सबसे विस्तृत तस्वीरें उपलब्ध करा सकता है।

ब्रह्मांड के इतिहास को समझने में मिलेगी मदद

रोमन स्पेस टेलीस्कोप को केवल अंतरिक्ष की तस्वीरें लेने के लिए नहीं बनाया गया है, बल्कि इसका उद्देश्य ब्रह्मांड के विकास को समझना भी है। रिसर्च वैज्ञानिक इस टेलीस्कोप की मदद से यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि ब्रह्मांड समय के साथ कैसे बदला है और इसके तेजी से विस्तार के पीछे कौन-सी शक्तियां काम कर रही हैं। वैज्ञानिकों के लिए ब्रह्मांड का विस्तार आज भी एक बड़ा शोध विषय है। रोमन टेलीस्कोप इस क्षेत्र में नई जानकारी उपलब्ध करा सकता है।

दूर के ग्रहों की खोज में बढ़ेगी क्षमता

रोमन टेलीस्कोप का एक बड़ा लक्ष्य हमारे सौर मंडल से बाहर मौजूद ग्रहों यानी एक्सोप्लैनेट का अध्ययन करना है। यह टेलीस्कोप दूर स्थित तारों के आसपास घूमने वाले ग्रहों की खोज और उनके वातावरण को समझने में वैज्ञानिकों की मदद करेगा। इससे यह जानने में सहायता मिल सकती है कि हमारी पृथ्वी जैसे ग्रह ब्रह्मांड में कितने सामान्य हैं और वहां जीवन की संभावनाएं किस तरह की हो सकती हैं।

एक साथ देख सकेगा आकाश का बड़ा हिस्सा

नासा का रोमन टेलीस्कोप अपनी विशेष तकनीक के कारण एक बड़े क्षेत्र में अंतरिक्ष का सर्वेक्षण कर सकेगा।
जहां कई दूरबीनें छोटे हिस्से पर ध्यान केंद्रित करती हैं, वहीं रोमन टेलीस्कोप विशाल क्षेत्र की निगरानी करने के लिए बनाया गया है। इससे वैज्ञानिकों को आकाशगंगाओं, तारों और ग्रह प्रणालियों की बड़ी तस्वीर समझने में मदद मिलेगी।

हबल के बाद नासा की बड़ी अंतरिक्ष परियोजना

बहरहाल, रोमन स्पेस टेलीस्कोप को नासा की अगली पीढ़ी की प्रमुख अंतरिक्ष वेधशालाओं में शामिल किया गया है। यह मिशन हबल स्पेस टेलीस्कोप की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने का काम करेगा। हालांकि इसकी तकनीक और उद्देश्य अलग हैं, लेकिन दोनों का लक्ष्य ब्रह्मांड को बेहतर तरीके से समझना है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि रोमन टेलीस्कोप से मिलने वाला डेटा आने वाले कई वर्षों तक अंतरिक्ष अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।