
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन (फोटो सोर्स- IANS)
Iran US War:ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका के साथ हुए शांति समझौते (एमओयू) को ईरान, पश्चिम एशिया और पूरे विश्व के विकास के लिए बेहद जरूरी बताया है। तेहरान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि इस समझौते के असर में आने के बाद अमेरिका और इजरायल जैसे देश क्षेत्र में अराजकता या आक्रामकता का माहौल नहीं बना पाएंगे। इससे मध्य पूर्व के देशों को शांति, सुरक्षा और स्थिरता के साथ आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि मुस्लिम देशों को आपस में एकता और सहयोग मजबूत करना होगा, ताकि दुश्मनों की किसी भी चाल को समय रहते नाकाम किया जा सके। उन्होंने कहा कि ईरान ने कभी खुद से किसी जंग की शुरुआत नहीं की है। हम युद्ध के पक्षधर नहीं हैं, लेकिन अगर कोई हम पर हमला करता है तो उसका मुंहतोड़ जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे। अपनी इच्छाशक्ति और ताकत के दम पर खड़ा देश कभी किसी के सामने नहीं झुकता।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को निजी स्वार्थ के लिए प्रभावित करने और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव को लगातार खींचने की कोशिशें की जा रही हैं।
इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बड़ी सफलता का दावा किया है। सुरक्षा एजेंसियों ने दक्षिण-पूर्वी प्रांत सिस्तान और बलूचिस्तान में अमेरिका व इजरायल से संबंध रखने वाले एक संदिग्ध आतंकी समूह पर कार्रवाई की है। इस ऑपरेशन में एक सदस्य को ढेर कर दिया गया, जबकि छह अन्य को गिरफ्तार किया गया है।
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर मिलकर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल और मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइल व ड्रोन से निशाना बनाया और महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर अपनी चौकसी काफी बढ़ा दी थी।
हालात बिगड़ते देख 18 जून को दोनों पक्षों ने युद्ध विराम और शांति बहाली के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत अगले 60 दिनों में वार्ता कर अंतिम समझौते तक पहुंचना तय हुआ था। हालांकि, 17 अगस्त को यह समय-सीमा समाप्त हो चुकी है और हाल के हफ्तों में फिर से बढ़े तनाव के कारण आगे की बातचीत और इस शांति समझौते के भविष्य को लेकर असमंजस बना हुआ है।
Updated on:
30 Aug 2026 10:14 am
Published on:
30 Aug 2026 10:12 am
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